CBI का नाम लेकर डराते थे, नकली नोटिस से बनाते थे दबाव; फर्जी अफसरों का पूरा नेटवर्क बेनकाब

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Delhi Fake CBI Raid
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नई दिल्ली: दिल्ली में फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर खुद को सीबीआई और दूसरी सरकारी जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर फर्जी छापेमारी करने वाले गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. रोहिणी जिले के थाना प्रशांत विहार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस कथित गिरोह से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में मोबाइल फोन से फर्जी पहचान पत्रों के स्क्रीनशॉट, सरकारी अधिकारी जैसे कपड़ों में आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं.

रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद फिल्मी था. पहले किसी ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया जाता था जिसके पास नकदी या कीमती सामान होने की जानकारी मिल सके. इसके बाद आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उसके घर या ठिकाने पर पहुंचते, फर्जी पहचान पत्र दिखाते और रेड या तलाशी की धमकी देकर उसे डराने की कोशिश करते थे. मकसद था डर का माहौल बनाकर पैसा या कीमती सामान हासिल करना.

Fake CBI
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पहले टारगेट की खबर, फिर सीबीआई का भेष

जांच के अनुसार इस मामले में कुलदीप शर्मा ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता, उसके पते और घर में नकदी या कीमती सामान होने की संभावित जानकारी उपलब्ध कराई. इसके बाद आसिफा और पूजा अग्रवाल ने कथित फर्जी रेड की योजना तैयार की. पूजा ने अपने बहनोई चंदर प्रकाश शर्मा से संपर्क कर कथित रेड के लिए लोगों को जुटाने को कहा. इसके बाद चंदर प्रकाश कथित तौर पर बबलू, दो सिख व्यक्तियों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा. इन सभी की भूमिका की जांच अभी जारी है.

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सीबीआई की वर्दी… मोबाइल में फर्जी आईडी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सीबीआई का मोनोग्राम लगे कपड़े बरामद किए हैं. आठ मोबाइल फोन की जांच में कथित फर्जी सीबीआई पहचान पत्रों के स्क्रीनशॉट और सरकारी अधिकारियों के रूप में तैयार किए गए आरोपियों के फोटो-वीडियो भी मिले हैं. जांच में ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनसे आशंका है कि गिरोह के सदस्य दिल्ली और मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर कथित फर्जी रेड कर चुके हैं.

तीन-चार महीने से चल रहा था खेल

पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब तीन से चार महीने से इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में हैं. जांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और कितनी वारदातों को अंजाम दिया. पुलिस डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी के जरिए गिरोह की पूरी कड़ी जोड़ रही है.

कौन था गिरोह में कौन?

1.आसिफा- कथित मास्टरमाइंड की भूमिका

करीब 29 वर्षीय आसिफा मूल रूप से जम्मू-कश्मीर की रहने वाली है और करीब आठवीं कक्षा तक पढ़ी है. उसने राजेंद्र प्लेस में होटल चलाया था, जो नुकसान के चलते बंद हो गया. पुलिस के अनुसार उसकी पुलिस और सेना से जुड़े लोगों से जान-पहचान थी और वह खुद को ऐसे लोगों से जुड़ा हुआ बताती थी. करीब आठ महीने पहले एक पारिवारिक शादी में उसकी मुलाकात पूजा और कुलदीप से हुई थी. आरोप है कि उसने खुद को सीबीआई से जुड़े लोगों का परिचित बताकर प्रभाव जमाया और बाद में कथित फर्जी रेड की गतिविधियों में भूमिका निभाई.

2. पूजा अग्रवाल- फर्जी सीबीआई टीम’ की कड़ी

बार और रेस्तरां में गायिका के रूप में काम कर चुकी पूजा की मुलाकात आसिफा से करोल बाग के एक रेस्तरां में हुई थी. पुलिस के अनुसार दोनों कथित तौर पर फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर रेड करने की गतिविधियों में समन्वय करती थीं. वर्तमान मामले में पूजा ने अपने बहनोई चंदर प्रकाश से लोगों को जुटाने के लिए कहा.

3. कुलदीप शर्मा- अंदर की जानकारी देने का आरोप

करीब 63 वर्षीय कुलदीप शर्मा दिलशाद गार्डन का रहने वाला है. वह पहले एसबीआई और आईएनजी वैश्य बैंक में काम कर चुका है. बैंक में काम करने के दौरान उसकी शिकायतकर्ता से पहचान हुई थी. पुलिस के मुताबिक उसने शिकायतकर्ता के पते और घर में नकदी या कीमती सामान होने की संभावित जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई.

4. चंदर प्रकाश शर्मा- फर्जी टीम’ जुटाने वाला

करीब 38 वर्षीय चंदर प्रकाश शर्मा अशोक नगर, शाहदरा का रहने वाला है और पहले इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर का काम करता था. आरोप है कि पूजा ने उससे फर्जी सीबीआई अधिकारियों की टीम तैयार करने के लिए संपर्क किया. वह कथित तौर पर बबलू, दो सिख व्यक्तियों और अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचा.

5. शुभम उर्फ गोलू- कथित फर्जी रेड में शामिल

करीब 25 वर्षीय शुभम उर्फ गोलू दुर्गापुर, दिल्ली का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार उसे चंदर प्रकाश ने कथित फर्जी रेड में शामिल होने के लिए बुलाया था. उसके मोबाइल फोन को कब्जे में लिया गया है.

6. राजवीर सिंह- कथित रेड टीम का हिस्सा

करीब 21 वर्षीय राजवीर सिंह मानसरोवर पार्क, शाहदरा का निवासी है. पुलिस के अनुसार वह भी चंदर प्रकाश के संपर्क में आया और कथित फर्जी रेड में उसके साथ गया.

7. नितिन शर्मा- कथित टीम में शामिल

करीब 30 वर्षीय नितिन शर्मा अशोक नगर, शाहदरा का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक उसे भी चंदर प्रकाश ने कथित रेड में शामिल होने के लिए बुलाया था. पुलिस के अनुसार शुभम, राजवीर और नितिन ने पूछताछ में बताया कि उन्हें कथित तौर पर प्रत्येक रेड के लिए आसिफा और चंदर प्रकाश की ओर से भुगतान किया जाता था. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है.

दिल्ली से मुंबई तक ‘फर्जी रेड’ का नेटवर्क?

मोबाइल से मिले वीडियो ने पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. इन वीडियो से संकेत मिले हैं कि गिरोह के सदस्य केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थे, बल्कि मुंबई में भी सरकारी जांच एजेंसियों के नाम पर कथित फर्जी छापेमारी कर सकते हैं. हालांकि, पुलिस अभी वीडियो, सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. अन्य घटनाओं में आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि की जा रही है.

अब पुलिस की नजर इन सवालों पर

किसने बनाए फर्जी सीबीआई पहचान पत्र?
गिरोह को टारगेट की जानकारी कौन देता था?
कितने लोगों के घर पर फर्जी रेड की गई?
दिल्ली के अलावा मुंबई में कितनी वारदात हुईं?
गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

पुलिस टीम ने ऐसे खोला ‘फर्जी सीबीआई का पर्दा

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रशांत विहार की विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई. टीम में उपनिरीक्षक परमिंदर,
उपनिरीक्षक विकास सिंह,हेड कांस्टेबल अंशुल,हेड कांस्टेबल सूर्य,कांस्टेबल कपिल,महिला कांस्टेबल नीतू और महिला कांस्टेबल रीना शामिल रही..टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और फील्ड इनपुट को जोड़ते हुए कथित फर्जी रेड गिरोह तक पहुंच बनाई.

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