कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में बड़ा एक्शन, 11 मौतों के बाद मुख्य आरोपी नौशाद एनकाउंटर में गिरफ्तार

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Kaushambi Firecracker Blast
Gemini

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी नौशाद को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस के मुताबिक, नौशाद शहर छोड़कर फरार होने की कोशिश कर रहा था.

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा

कौशांबी पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी. इसी दौरान उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मिली. पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की. इसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि अस्पताल में इलाज पूरा होने के बाद नौशाद से घटना को लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.

पहले निलंबित हो चुका था पटाखे का लाइसेंस

पुलिस के मुताबिक, नौशाद के पास पटाखे का लाइसेंस था, लेकिन करीब दो साल पहले उसे निलंबित कर दिया गया था. इसके बावजूद अवैध तरीके से पटाखा निर्माण से जुड़े होने की बात सामने आई है.

इस मामले में नामजद शबाना और उसकी बेटी साइना को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. अब नौशाद की गिरफ्तारी के बाद जांच में आगे कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है.

धमाके में 11 लोगों की गई जान

मनोरी क्षेत्र में आबादी के बीच चल रही कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को जोरदार विस्फोट हुआ था. हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में आठ बच्चे, दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं. बताया गया है कि मृतकों में कुछ लोग एक ही परिवार के थे.

घटना में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है.

पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई

मामले में शुरुआती जांच के दौरान पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई भी की गई है. थानाध्यक्ष पिपरी विकास सिंह, चौकी इंचार्ज चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी इंचार्ज मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया है. वहीं बीट सिपाही जितेंद्र शुक्ला और कृष्ण कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है.

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