नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय के 11वें दिन एक बार फिर कुदरत का करिश्मा देखने को मिला है। शनिवार को राहत और बचाव टीमों ने मलबे और सुरंग में फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नेपाल सेना, दक्षिण कोरिया के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने अत्यधिक जोखिम भरे हालात में इन रेस्क्यू अभियानों को अंजाम दिया। पहली सफलता अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में मिली, जहाँ ऑडिट-4 सुरंग में फँसे एक चीनी नागरिक को सुरक्षित बचाया गया। वहीं, दूसरी सफलता नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका स्थित बेत्रावती में मिली। यहाँ एक चार मंजिला इमारत ढह जाने से उसके मलबे में दबी 64 वर्षीया वृद्धा चंडिका श्रेष्ठ को सब-इंस्पेक्टर सुमन कुमार बीके के नेतृत्व वाली नौ सदस्यीय टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अब भी 942 लोग लापता
बचाव दल विपरीत परिस्थितियों में भी लगातार खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन आपदा की गंभीरता अभी कम नहीं हुई है। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित कुल 942 लोग अब भी लापता हैं।
सुरक्षा बल अत्यंत दुर्गम और अस्थिर पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि मलबे में दबे अन्य लोगों तक पहुँच बनाई जा सके।
589 विदेशी नागरिक भी लापता
प्रभावित जिलों से लगातार शव बरामद होने के साथ ही नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,344 तक पहुँच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक बरामद शवों में 758 वयस्क और 85 बच्चों के शव शामिल हैं, जबकि 501 शव ऐसे पाए गए हैं जिनके अंग क्षत-विक्षत हो चुके हैं।
शवों की यह बुरी हालत पानी में लंबे समय तक डूबे रहने और भारी मलबे के दबाव के कारण हुई है। बचाव दल फिलहाल करीब 5,000 लापता लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हैं, जिनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, राहत टीमों ने अब तक 13,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।
भोटेकोशी नदी में आई तबाही
यह तबाही 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए भीषण हिमस्खलन के कारण शुरू हुई थी। इसके बाद हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में आई प्रचंड बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गाँवों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। उफनती नदी अपने साथ मकान, गाड़ियाँ, पुल और सड़कें बहा ले गई। इस तबाही का असर चीन के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ा है, जहाँ कम से कम 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और तिब्बत क्षेत्र में 500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में सबसे अधिक 360 शव अकेले चितवन जिले से बरामद हुए हैं, जबकि रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी के क्षेत्रों में भी भारी तबाही दर्ज की गई है।












