नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक बार फिर एम्स पहुंचकर हादसे में घायल लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बताया कि हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में मौजूद एक अन्य भवन को भी असुरक्षित पाया गया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस खतरनाक इमारत को बुधवार को गिराया जाएगा. सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी.
सत्य निकेतन की इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. बता दें कि रविवार को करीब 50 साल पुरानी यह इमारत अचानक ढह गई थी, जिसमें छात्रों सहित 7 लोगों की मौत हो गई. इमारत में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट यानी पीजी चलाया जा रहा था.
घायलों के इलाज और परिवारों को आर्थिक मदद
एम्स में घायलों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे के बाद कुल 12 लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था. इनमें सात लोगों की मौत हो गई. मृतकों में दो मजदूर भी शामिल थे. एक घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके पैर में गंभीर चोट आई है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पताल में भर्ती दो बच्चे अब पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें जल्द छुट्टी दी जाएगी. वहीं, एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. रेखा गुप्ता ने उसके माता-पिता से भी मुलाकात की और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि सरकार हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के परिवारों की हर संभव मदद करेगी. पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही है.
बगल की इमारत भी मिली खतरनाक
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, वे उनके शव लेकर दिल्ली से जा चुके हैं. सरकार ने शवों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए थे और प्रशासन लगातार परिवारों के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि पीजी वाली इमारत के बिल्कुल पास एक और भवन मौजूद है, जिसे जांच के बाद असुरक्षित घोषित किया गया है. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसे बुधवार को गिराने की कार्रवाई की जाएगी.
पांच मंजिला अवैध इमारतों पर सख्ती
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को सभी अनधिकृत पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए थे. इसके साथ आसपास मौजूद पीजी और अन्य इमारतों की भी जांच कराई जा रही है. एमसीडी ने अधिकारियों को डीएमसी एक्ट के तहत ऐसे भवनों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है. सहायक अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली में मकान बनाने के नियम
डीडीए की 2016 की भवन उपविधियों के अनुसार 17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारत को हाई-राइज माना जाता है. 17.5 मीटर की सीमा के अंदर स्टिल्ट पार्किंग के साथ अधिकतम चार मंजिल बनाई जा सकती हैं. इस तरह कुल पांच स्तर का भवन बन सकता है. स्टिल्ट पार्किंग नहीं होने पर भवन की ऊंचाई 15 मीटर तक सीमित रहती है.












