नई दिल्ली: दमन में सड़क सुरक्षा को लेकर एक खास तरह का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर के मालिक शामिल हुए। 9 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम में लोगों को यह संदेश दिया गया कि सड़क पर बड़ी और दमदार SUV चलाने के साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है। वहीं इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश था- ‘Not show of power, but responsibility’
सड़क सुरक्षा को लेकर दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने SUV मालिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। इसके साथ ही दमन के सूचना एवं प्रचार विभाग ने इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा होने लगी है।
बता दें, इस अभियान को ‘थार-फॉर्च्यूनर संकल्प यात्रा’ नाम दिया गया था। इसके लिए एक जगह पर बड़ी संख्या में थार और फॉर्च्यूनर गाड़ियां जुटाई गई। वहीं कार्यक्रम में शामिल लोग हाथों में पीले पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। इन पोस्टरों पर गति नहीं, संस्कृति’ और ‘दिखावा नहीं, जिम्मेदारी’ जैसे संदेश लिखे हुए थे
क्या था इस अभियान का मकसद
इस अभियान का मकसद SUV मालिकों को यह समझाना था कि गाड़ी की ताकत का इस्तेमाल सड़क पर रौब दिखाने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित सफर के लिए किया जाना चाहिए। इस पहल को महिंद्रा के #TharKaMatlabZimmedari अभियान से भी जोड़ा गया। पोस्ट में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को भी टैग किया गया था।
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी राय भी रखी है। कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लोगों ने फुटपाथ पर गाड़ी चलाने, गलत दिशा में ड्राइविंग करने और खतरनाक तरीके से वाहन मोड़ने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की बात कही।
वहीं, कुछ लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की। इसके साथ ही कई यूजर्स का कहना था कि सिर्फ जागरूकता अभियान चलाना काफी नहीं है, नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई भी जरूरी है। इस कार्यक्रम के जरिए SUV मालिकों को एक सीधा संदेश दिया गया कि गाड़ी चाहे कितनी भी पावरफुल हो, सड़क पर जिम्मेदारी सबसे ज्यादा मायने रखती है।












