BRICS Summit 2026: लखनवी कबाब से लेकर राजस्थानी कचौड़ी तक, वर्ल्ड लीडर्स के लिए खास ‘शाही मेन्यू’ तैयार

0
7
BRICS Summit Menu
Pinterest

नई दिल्ली: भारत मंडपम के भव्य प्रांगण में जब दुनिया की 13 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्राध्यक्ष और 26 प्रमुख वैश्विक मेहमान 12-13 सितंबर को एकजुट होंगे, तो नजरें सिर्फ द्विपक्षीय वार्ताओं और समझौतों पर ही नहीं होंगी। औपचारिक मंचों और सख्त राजनयिक प्रोटोकॉल से इतर एक ऐसी मेज सजेगी, जहाँ जायके के साथ कूटनीति का मेल होगा। यह अवसर है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ‘गाला डिनर’ का, जहां ‘डिनर डिप्लोमेसी’ के जरिए विश्व नेताओं के बीच रिश्तों की बर्फ पिघलेगी और अनौपचारिक चर्चाओं का दौर चलेगा। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भोजन सिर्फ स्वाद का मामला नहीं होता, बल्कि यह देश की साख से जुड़ा विषय है। इस शाही मेन्यू को अंतिम रूप देने की तैयारी पिछले दो-तीन महीनों से चल रही थी।

भारत की सांस्कृतिक विविधता की ‘स्वादिष्ट’ झलक

इस बार का मेन्यू बेहद सोच-समझकर तैयार किया गया है। थाली में उत्तर भारत की खुशबूदार ग्रेवी से लेकर दक्षिण भारत की समृद्ध नारियल और तड़के वाली डिशेज का संगम देखने को मिलेगा। 
कश्मीर का लजीज पुलाव, हैदराबाद की मशहूर वेज और नॉन-वेज बिरयानी, दक्कनी स्वाद का तड़का और दक्षिण भारतीय स्ट्यू इस अंतरराष्ट्रीय भोजन की शान बढ़ाएंगे। इसके साथ ही लखनवी कबाबों की नफासत और तंदूरी व्यंजनों का स्वाद विदेशी मेहमानों को भारत के हर कोने का जायका महसूस कराएगा।

मिलेट्स को विशेष पहचान

वैश्विक मंच पर भारतीय मोटे अनाज यानी ‘श्री अन्न’ का दबदबा एक बार फिर दिखाई देगा। स्वास्थ्य और परंपरा के संतुलन को दर्शाते हुए रागी, ज्वार और बाजरे से बने व्यंजन मुख्य मेन्यू का हिस्सा हैं। नाश्ते की मेज पर गरमा-गरम रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल परोसा जाएगा। मेहमानों को तरोताजा रखने के लिए प्राकृतिक पेय पदार्थों जैसे पारंपरिक छाछ और ठंडे नारियल पानी की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं, नाश्ते और स्नैक्स में महाराष्ट्र की खस्ता भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल का कुचो निमकी, तमिलनाडु का कुरकुरा मुरुक्कू और कश्मीरी मसालेदार अखरोट शामिल किए गए हैं। इस मेन्यू का सबसे खास आकर्षण है ‘एडिबल लोटस’, जिसे गुलाब की पंखुड़ियों, केसर की खुशबू और इलायची के मेल से तैयार किया गया है।

महीनों की मेहनत से तैयार हुआ शाही मेन्यू

अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भोजन सिर्फ स्वाद का मामला नहीं होता, बल्कि यह देश की साख से जुड़ा विषय है। इस शाही मेन्यू को अंतिम रूप देने की तैयारी पिछले दो-तीन महीनों से चल रही थी। विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और विशेष रूप से गठित प्रोटोकॉल कमेटी की देखरेख में पूरा खाका तैयार किया गया है। हर एक प्रतिनिधि और राष्ट्राध्यक्ष की निजी पसंद, उनकी सांस्कृतिक प्राथमिकताओं और स्वास्थ्य संबंधी एलर्जी का बारीकी से अध्ययन किया गया। खाने की शुद्धता, गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है, ताकि बिना किसी प्रोटोकॉल उल्लंघन के भारतीय मेहमाननवाजी की अमिट छाप छोड़ी जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here