पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार समेत कई मांगों को लेकर महाआंदोलन का ऐलान किया है. सोशल मीडिया के जरिए दी गई जानकारी के मुताबिक, छात्र 15 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में जुटने की तैयारी कर रहे हैं. छात्रों ने इस आंदोलन को अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता से जोड़ते हुए समर्थन की अपील की है.
सोशल मीडिया पर आंदोलन का ऐलान
छात्रों की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आंदोलन की जानकारी साझा की गई है. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी है. इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के गांधी मैदान पहुंचने की संभावना है. छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर व्यापक समर्थन जुटाने की अपील भी की है.
इन 9 मांगों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी
छात्रों ने कुल 9 प्रमुख मांगें सामने रखी हैं. पहली मांग 70वीं BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के चलते परीक्षा रद्द करने की है. इसके साथ ही 70वीं BPSC की ट्रेनिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है. छात्रों ने AEDO परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर OSM टेंडर कंपनी का नाम सार्वजनिक करने और इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की है.
इसके अलावा BPSC की आधिकारिक वेबसाइट से लोगो हटाने और निजी कंपनी Eklavya AI को जोड़े जाने को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए हैं.1799 पदों वाली दरोगा भर्ती रद्द करने और OMR की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है. छात्रों ने दरोगा परीक्षा से जुड़ी EOU जांच में तेजी लाने की मांग की है.
भर्ती और उम्र सीमा पर भी मांग
छात्र परीक्षा केंद्रों के चयन में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं. साथ ही BSSC की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और परीक्षा कैलेंडर से जुड़े वेटेज को हटाने की मांग की गई है. सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा 37 से बढ़ाकर 42 वर्ष करने की मांग भी आंदोलन की प्रमुख वजहों में शामिल है.












