कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले दो विधानसभा उपचुनावों से पहले पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। रेजीनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे एक दिन पहले नंदीग्राम के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान भी गिरफ्तार हो चुके थे। सैफुल इस्लाम आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) से जुड़े हैं। पार्टी की अगुवाई हुमायूं कबीर करते हैं।
पुलिस ने उन्हें 19 सितंबर को गिरफ्तार किया। उन पर 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प का पुराना मामला दर्ज था। बेहरामपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस पांच साल पुराने मामले में कार्रवाई की।
नंदीग्राम में भी गिरफ्तारी
एक दिन पहले नंदीग्राम सीट के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया था। उन पर करीब बीस साल पुराना मामला दर्ज था। यह मामला इलाके में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान का है। दोनों गिरफ्तारियां उपचुनाव से ठीक पहले हुई हैं। नंदीग्राम सीट इसलिए खाली हुई क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट भी जीत रखी थी और नंदीग्राम छोड़ दी। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर ने खाली की। उन्होंने 2026 के चुनाव में दोनों सीटें जीतने के बाद नवादा सीट अपने पास रख ली।
एजेयूपी पर भी कार्रवाई
पुलिस ने शनिवार को एजेयूपी प्रमुख को नोटिस भेजा था। उन्हें दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश वाले मामले में सोमवार को पेश होने को कहा गया। यह मामला 14 सितंबर को दर्ज हुआ था। पुलिस ने बेहरामपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक ऑडियो जारी किया था। पुलिस का दावा है कि उसमें तनाव बढ़ाने की साजिश का संकेत मिलता है। मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस पिकेट पर वाहन जांच के दौरान एजेयूपी के राज्य सचिव आशिक इकबाल को गिरफ्तार किया गया। उनके पास भारी मात्रा में नकली नोट और अवैध हथियार मिले।
उपचुनाव से पहले इन गिरफ्तारियों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि पुराने मामलों में कार्रवाई कानून के अनुसार हो रही है।












