वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी (25) की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद घटना की गुत्थी और उलझ गई है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेजिक शॉक) बताया गया है। शरीर पर सिर से लेकर छाती और पैर तक कई गंभीर चोटें मिली हैं। वहीं, निजी अंग के अलग होने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। पुलिस अब इन चोटों के कारण और घटनाक्रम की कड़ियों को फोरेंसिक जांच के जरिए जोड़ने में जुटी है।
शरीर पर गंभीर चोटों और फ्रैक्चर का खुलासा
पोस्टमार्टम के दौरान दीपक का शरीर दो हिस्सों में मिला। सिर के पिछले हिस्से यानी ऑक्सिपिटल रीजन में हेमेटोमा और हेयरलाइन फ्रैक्चर पाया गया। सिर पर करीब 14 टांकों का घाव था। ठोड़ी और होंठ पर भी कटने के निशान मिले, जिन पर टांके लगे थे। छाती के बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर मिला। बायां फेफड़ा क्षतिग्रस्त होने के साथ उसमें रक्त जमा मिला। पैर में भी करीब पांच सेंटीमीटर लंबा घाव और उसके नीचे हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया।
चौथी मंजिल से गिरना, सीसीटीवी और खून लगा ग्राइंडर
पुलिस के मुताबिक 25 सितंबर की सुबह करीब 10:36 बजे दीपक गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में वह सुबह करीब 10:25 बजे खून से सने कपड़ों में कमरे से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। कमरे से खून लगा ग्राइंडर मिलने और निजी अंग पर गंभीर चोट पाए जाने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कई बिंदुओं पर जांच शुरू की है।
परिजनों के आरोप और फोरेंसिक जांच
पुलिस प्रथमदृष्टया मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। हालांकि, परिवार की शिकायत के बाद घटना के अन्य संभावित पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है। सीओ वृंदावन संदीप कुमार के अनुसार कमरे से मिले सामान, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। डीवीआर और मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
चोटों के कारणों की जांच और अंतिम संस्कार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शरीर पर मिली चोटें किस परिस्थिति में लगीं और इनका घटनाक्रम से क्या संबंध है, यह विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दीपक का अंतिम संस्कार वृंदावन में ही किया गया। मामले में पुलिस की जांच जारी है।












