पटना: बिहार के पश्चिम चंपारण में गंडक नदी ने भारी तबाही मचाई दी है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के दबाव से बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड पंचायत के पास चंपारण तटबंध टूट गया, जिससे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया और हाहाकार मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात करीब 2 बजे की है। उस समय ग्रामीण नदी के बढ़ते दबाव को देखकर रातभर जाग रहे थे। फुलियाखाड पंचायत के वार्ड नंबर 5 में ब्रह्मदेव यादव और रामस्वरूप यादव के घर के पास तटबंध में अचानक रिसाव शुरू हो गया।
ग्रामीणों ने तुरंत जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को फोन लगाना शुरू किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। देखते ही देखते गंडक की तेज धारा ने तटबंध को करीब 50 फीट तक तोड़ दिया।
कई पक्के मकान ढहे, नष्ट हुई फसलें
तटबंध टूटते ही गंडक का तेज बहाव खेतों और गांवों में घुस गया। कई पक्के मकान धारा में ढह गए, जबकि धान और गन्ने की खड़ी फसलें पूरी तरह डूब गईं। कई टोलों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। बथना, लौकरिया समेत आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है और लोग रातभर अपने घर का सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते क्रेटिंग और मरम्मत का काम कराया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ठकराहा में 4000 से अधिक परिवार प्रभावित
उधर, ठकराहा प्रखंड में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि वाल्मीकिनगर बराज पर डिस्चार्ज स्थिर है और जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन दियारा इलाके के गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। श्रीनगर, हरपुर और भगवानपुर में चार हजार से अधिक परिवार प्रभावित हैं। इतना ही नहीं कई किसान तीन दिनों से खेतों में मचान पर फंसे हैं।
भूजा खाकर और पानी पीकर कर रहे जिंदा रहने की कोशिश
वहीं, श्रीनगर के एक किसान ने बताया कि वह भूजा खाकर और बाढ़ का पानी पीकर किसी तरह जिंदा हैं। गांवों में संपर्क टूट गया है और लोग सोलर से मोबाइल चार्ज कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। कई जगह लोग भूखे हैं तो कई सूखा भोजन खाकर दिन काट रहे हैं। सोमवार को प्रशासन ने नाव से हरपुर में राहत सामग्री पहुंचाई थी, लेकिन अब तटबंध टूटने से कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं, भितहा के सेमरबारी दूलारी के पास पीपी तटबंध पर भी गंडक का दबाव बढ़ा है। विभाग का कहना है कि बचाव कार्य जारी है और स्थिति नियंत्रण में है।












