नई दिल्ली: दशहरे पर रावण दहन देखना बचपन से ही लोगों के लिए खास रहा है। पहले रावण के पुतले को जलते देखना ही सबसे बड़ा आकर्षण होता था, लेकिन अब इन्हें खास और अनोखा बनाने की होड़ भी देखने को मिल रही है। कहीं ऊंचाई को लेकर रिकॉर्ड बनाने की कोशिश होती है, तो कहीं पुतलों को बारिश से बचाने के लिए नई तकनीक अपनाई जाती है। इस बार दिल्ली में ऐसा ही एक विशाल रावण चर्चा में है, जिसकी ऊंचाई और लागत दोनों लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित होने वाले दशहरा मेले में इस बार 221 फुट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से चर्चा में है। अन्विका यादव नाम की महिला ने यह वीडियो साझा किया है। वह खुद मेले में पहुंची थीं और वहां तैयार किए जा रहे विशाल पुतले की झलक कैमरे में कैद की। इस रावण की ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि जमीन पर खड़े होकर इसे देखने वालों को ऊपर तक नजर ले जाने में भी परेशानी हो सकती है। इसे दिल्ली के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में से एक बताया जा रहा है। इसकी विशाल बनावट देखने के लिए लोगों में उत्सुकता है।
1000 से ज्यादा बांस और 60 टन लोहे का इस्तेमाल
इस विशाल पुतले को तैयार करने में काफी मेहनत लगी है। जानकारी के मुताबिक, इसे बनाने का काम पूरा करने में तीन महीने से ज्यादा का समय लगा। इसके ढांचे को तैयार करने के लिए 1000 से अधिक बांस का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, पुतले को मजबूती देने के लिए करीब 60 टन लोहे का उपयोग भी किया गया है। इतने बड़े आकार के पुतले को खड़ा करने और तैयार करने में कई लोगों की मेहनत लगी है। इसकी ऊंचाई के साथ-साथ इसे बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री भी लोगों को हैरान कर रही है।
दशहरे के दौरान बारिश होने से कई बार रावण के पुतले भीग जाते हैं, जिससे दहन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। इस बार दावा किया जा रहा है कि द्वारका का यह रावण वाटरप्रूफ बनाया गया है। इसे तैयार करने में 38 लाख रुपये से ज्यादा खर्च होने की जानकारी सामने आई है।
कोटा के रावण से तुलना, कीमत पर भी चर्चा
वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसकी तुलना राजस्थान के कोटा में बनने वाले रावण के पुतलों से कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इसकी कीमत को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि इसे बनाने में 38 लाख नहीं, बल्कि करीब 45 लाख रुपये खर्च हुए हैं। वहीं, एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि रावण वाटरप्रूफ तो है, लेकिन ओलाप्रूफ नहीं। इस तरह विशाल पुतले की ऊंचाई, लागत और खासियत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।












