तिरंगा यात्रा पर निकले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने लिया हिरासत में, नेहा बोरा भी गिरफ्तार

0
5

नई दिल्ली: “मैंने कौन सा कानून तोड़ा है?” हिरासत में लिए जाते वक्त कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस से यही सवाल किया। शुक्रवार को वे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में “लेहरा दो तिरंगा” रैली करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके घर से हिरासत में ले लिया। यह पहला मौका नहीं है, जब दिपके को पुलिस ने रोका हो। एक सप्ताह के भीतर उन्हें दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। इससे पहले वे मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने मुंबई से दिल्ली आए थे। उस समय विमान उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

इस मार्च की वजह क्या थी

इस तिरंगा मार्च के पीछे एक बड़ा कारण पार्टी के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी थी। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रवेश करने के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। यह घटना जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के एक दिन बाद हुई थी।

पुलिस और दिपके के बीच बातचीत

हिरासत से पहले पुलिस और दिपके के बीच बातचीत हुई। पुलिस ने उनसे कहा कि वे नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। जवाब में दिपके ने कहा कि अगर वे नई दिल्ली नहीं जा सकते, तो कहीं और जा सकते हैं। उन्होंने सीधा सवाल किया कि आखिर उन्होंने कौन सा कानून तोड़ा है।

हिरासत से पहले दिल्ली पुलिस उनके घर पहुंची और मार्च न निकालने का नोटिस सौंपा। बीएनएस की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में बताया गया कि कनॉट प्लेस इलाके में निषेधाज्ञा लागू है। साथ ही कहा गया कि नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी है। नोटिस में चेतावनी दी गई कि मार्च निकालने पर इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा। सफेद टी-शर्ट और जींस पहने 31 वर्षीय दिपके को पुलिस ने यह भी समझाया कि तिरंगा लहराना कानून के खिलाफ नहीं है। लेकिन बिना अनुमति के मार्च निकालना और भीड़ जुटाना प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा, जिस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें ध्वज संहिता के तहत राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी भी दी गई।

इस सप्ताहांत हिरासत में लिए गए कई प्रमुख कार्यकर्ताओं में 29 वर्षीय छात्र नेता नेहा बोरा भी शामिल हैं। उन्हें जंतर-मंतर के पास से हिरासत में लिया गया। वे कॉकरोच युवा आंदोलन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों से जुड़ी थीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here