नई दिल्ली: दिल्ली में कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकाने और दहशत फैलाने के लिए गोलियां चलाने वाले कथित गैंग के दो सदस्यों को रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी विदेश में बैठे एक गैंग से जुड़े लोगों के निर्देश पर काम कर रहे थे। इनके कब्जे से एक .30 बोर पिस्टल, एक अन्य आधुनिक पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस का खोखा और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों का संबंध पूठ खुर्द और कीर्ति नगर में कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर हुई फायरिंग की घटनाओं से है। पुलिस की इस कार्रवाई से रंगदारी और गोलीबारी के मामलों की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
कारोबारियों के प्रतिष्ठानों को बनाया निशाना
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान ज्वाइंट सीपी विजय सिंह ने बताया कि 19 अक्टूबर को पूठ खुर्द गांव स्थित टाइल्स के गोदाम पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। यह मामला थाना बवाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 614/26 से संबंधित है, जो 8 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4) के तहत दर्ज की गई थी। इसके अगले ही दिन 20 अक्टूबर को कीर्ति नगर में एक मार्बल कारोबारी की इमारत को दो अज्ञात निशानेबाजों ने निशाना बनाया और दो राउंड फायरिंग की। पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित कारोबारी को कथित तौर पर लगातार रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं। इस संबंध में उत्तम नगर थाने में भी मामला दर्ज था। कीर्ति नगर की घटना को लेकर हत्या के प्रयास से संबंधित प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विदेश में बैठे गैंग के निर्देश पर वारदात का आरोप
रोहिणी जिला डीसीपी शशांक जायसवाल की निगरानी में एडिशनल डीसीपी तनुश्री के नेतृत्व में जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि रोहित और हसीब कथित तौर पर विदेश में सक्रिय एक गैंग के लिए स्थानीय स्तर पर काम कर रहे थे। 19 अक्टूबर दोनों ने नितिन डबास उर्फ विक्की हड्डल के निर्देश पर पिस्टल और कारतूस प्राप्त किए थे। आरोप है कि अगले दिन दोनों चोरी की मोटरसाइकिल पर कीर्ति नगर पहुंचे और कारोबारी की इमारत पर दो गोलियां चलाईं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने घटनास्थल से एक खाली कारतूस का खोखा भी उठाया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पूठ खुर्द और कीर्ति नगर की वारदातों में उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिन्हें आरोपियों से बरामद किया गया है। इन तथ्यों की पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी है।
बैंक बिहारी मंदिर के पास पुलिस ने बिछाया जाल
20 और 21 अक्टूबर की दरमियानी रात रोहिणी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ को गुप्त सूचना मिली कि दो संदिग्ध बदमाश अवैध हथियारों के साथ सेक्टर-24 स्थित बैंक बिहारी मंदिर के पास मोटरसाइकिल से आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान एक .30 बोर पिस्टल के साथ सात जिंदा कारतूस और एक खाली कारतूस का खोखा बरामद हुआ। इसके अलावा एक अन्य आधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी मिली। जांच में पता चला कि बरामद मोटरसाइकिल 16 अक्टूबर 2026 को थाना न्यू उस्मानपुर क्षेत्र से चोरी हुई थी। इस संबंध में प्राथमिकी संख्या 25274/26 दर्ज है। पुलिस के मुताबिक बरामद हथियारों का संबंध पूठ खुर्द और कीर्ति नगर फायरिंग मामलों से भी पाया गया है।
चार रंगदारी मामलों की जांच को मिली गति
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चार रंगदारी मामलों की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति होने की बात कही है। अवैध हथियार रखने के आरोप में थाना बुध विहार में प्राथमिकी संख्या 355/26, दिनांक 21 अक्टूबर 2026, आयुध अधिनियम की धारा 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई, गैंग के अन्य सदस्यों और रंगदारी के नेटवर्क से जुड़े सुराग खंगाल रही है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार रोहित की उम्र 22 वर्ष है और वह उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह पहले भी एक आपराधिक मामले में शामिल रहा है। दूसरे आरोपी हसीब की उम्र 24 वर्ष है और वह उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी है।
इंस्पेक्टर संदीप गोडारा के नेतृत्व में कार्रवाई
यह कार्रवाई रोहिणी जिला पुलिस के उपायुक्त शशांक जायसवाल के नेतृत्व और निगरानी में की गई। स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप गोडारा ने टीम का नेतृत्व किया। अभियान की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्तऑपरेशन अजमेर सिंह ने की। छापेमारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुमित, हेड कांस्टेबल नवदीप, रवि, राकेश, प्रदीप और जितेंद्र तथा कांस्टेबल शशिकांत और सागर शामिल रहे। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई, संदिग्धों की घेराबंदी और हथियारों की बरामदगी इस अभियान के प्रमुख हिस्से रहे। इस मामले की आगे की जांच जारी है। जांच का मुख्य फोकस कथित रंगदारी नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और फायरिंग की अन्य घटनाओं से आरोपियों के संभावित संबंधों का पता लगाना है।
Reported By: Pankaj Rai












