आईटीआई पास युवाओं को अप्रेंटिसशिप दिलाने पर जोर, नियम नहीं मानने वाले संस्थानों को नोटिस देगा प्रशासन

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हिसार: जिले में आईटीआई पास युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने और छोटे व मध्यम उद्योगों को सरकारी योजनाओं से जोडऩे को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के वीसी सभागार में अप्रेंटिसशिप और ई-उद्यम पोर्टल को लेकर अधिकारियों की समीक्षा ली। बैठक में संबंधित अधिकारियों को दोनों व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आईटीआई युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के अवसर

उन्होंनेे कहा कि आईटीआई पास युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक अनुभव दिलाने में अप्रेंटिसशिप की अहम भूमिका है। इसके लिए अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और संगठनों को इस व्यवस्था से जोडऩा होगा। उद्योगों में कार्यस्थल पर प्रशिक्षण की सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल करते हुए ऐसी रणनीति बनाई जाए, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी मिल सकें। अधिकारियों ने बताया कि अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के लिए 500 से 3,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अप्रेंटिसशिप से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की निगरानी ऑटोमेटेड पोर्टल के माध्यम से की जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम की प्रगति और क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। इसके तहत रजिस्ट्रेशन, रिक्तियों की जानकारी, चयन, अनुबंध की मंजूरी, प्रशिक्षण, स्टाइपेंड भुगतान और प्रमाणपत्र जारी करने तक की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण और स्टाइपेंड से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाते हुए योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जाए।

ई-उद्यम पोर्टल पर एमएसएमई पंजीकरण 

अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने बैठक में ई-उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण की समीक्षा करते हुए जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को पोर्टल से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण से पात्र उद्योगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी, ऋण सुविधाओं और टेंडर संबंधी लाभ प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए एमएसएमई विभाग के माध्यम से विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र उद्योग पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकें। आगामी जॉब फेयर में ई-उद्यम से जुड़े उद्योगों के स्टॉल भी लगवाए जाएंगे। इससे युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे जुड़ने और रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।

नियमित समीक्षा और समन्वय के निर्देश

अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रेंटिसशिप और ई-उद्यम पोर्टल से जुड़ी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए। इसके साथ ही, उद्योगों और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर एसडीएम ज्योति मित्तल, जिला परिषद सीईओ सुभाष चंद्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Reported By: Praveen Kumar

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