लखनऊ: दीपावली से पहले अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव को इस बार और भी भव्य बनाने की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूरा शहर रोशनी से जगमगाने को तैयार है। इस बार प्रशासन ने 30 लाख से ज्यादा दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। सरयू नदी के 56 घाट दीपों की रोशनी से नहाएंगे।
दीपोत्सव का ये 10वां संस्करण है, इसलिए इसे खास बनाने के लिए हर स्तर पर खास इंतजाम किए गए हैं। राम की पैड़ी समेत सरयू किनारे के सभी घाटों को मिट्टी के दीयों से सजाया जा रहा है। दीप प्रज्ज्वलन और सजावट का काम लगभग पूरा हो चुका है। दीपावली की पूर्व संध्या पर पूरा अयोध्या नगर रोशनी में डूबा नजर आएगा।
राष्ट्रपति मुर्मु होंगी मुख्य अतिथि
इस बार के दीपोत्सव में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके साथ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। उपराष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। वे भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे और संतों का सम्मान करेंगे।
लाखों दीपों की दिव्य आभा से जगमगाएगी प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या! 🪔🚩 भक्ति, आस्था और अद्भुत रोशनी के संग सजेगी रामनगरी की हर गली, हर घाट। देखिए, इस दिवाली ‘अयोध्या दीपोत्सव 2026’ की मनमोहक झलकियां… जय श्रीराम! 🚩 https://t.co/PLxHJlCwR1
— BJP Jammu & Kashmir (@BJP4JnK) November 7, 2026
2100 ड्रोन से होगा भव्य शो
इस बार के दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण ड्रोन शो रहने वाला है। आसमान में 2100 स्वदेशी ड्रोन उड़ान भरेंगे और भगवान राम के जीवन और रामायण की कथा को जीवंत करेंगे। ड्रोन शो से पहले लेजर शो का भी आयोजन होगा। ड्रोन मैनेजमेंट टीम के सदस्य ईश्वर ने बताया कि इस बार भगवान राम के जीवन से प्रेरित 12 अलग-अलग आकृतियां तैयार की गई हैं। अयोध्या में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। एनीमेशन टीम ने भगवान राम की एक नई और विशेष आकृति भी तैयार की है, जो दर्शकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करेगी।
सरयू आरती की रिहर्सल पूरी
सरयू घाट पर होने वाली सामूहिक आरती की अंतिम रिहर्सल भी पूरी कर ली गई है। दीप जलाने की पूरी व्यवस्था तैयार है। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरयू आरती की अंतिम रिहर्सल संपन्न हो चुकी है और सजावट का काम भी लगभग समाप्त हो गया है।
प्रशासन का अनुमान है कि इस बार 30 से 33 लाख तक मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में दीयों का जलना अपने आप में एक नया कीर्तिमान होगा। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। दीपोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।












