‘मैंने मोदी की तारीफ नहीं की’, शशि थरूर ने कांग्रेस से बगावत की खबरों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- पार्टी के साथ हूं

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Shashi Tharoor Denies Breaking Party
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नई दिल्ली: कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य शशि थरूर ने पार्टी के भीतर उठे हालिया विवादों पर खुलकर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनके बयानों और लेखों को संदर्भ से अलग करके देखा गया, जिससे अनावश्यक बहस खड़ी हुई. केरल के सुल्तान बाथरी में आयोजित लक्ष्य 2026 लीडरशिप कैंप के दौरान थरूर ने जोर देकर कहा कि वह हमेशा पार्टी की मूल सोच के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे.

पार्टी लाइन से भटकने का सवाल

शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने कभी कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग रुख नहीं अपनाया. उनका सवाल था कि आखिर किस आधार पर यह कहा जा रहा है कि वह पार्टी से भटके हैं. थरूर के अनुसार, जिन मुद्दों पर उन्होंने राय रखी, उनमें अधिकांश मामलों में पार्टी और उनकी सोच एक ही दिशा में थी. उन्होंने कहा कि असहमति को भटकाव कहना सही नहीं है.

संसद और मीडिया विवाद

थरूर ने संसद में मंत्रियों से पूछे गए सवालों का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि उनके सवालों की एक स्पष्ट दिशा और उद्देश्य था, जिससे पार्टी को असहज नहीं होना चाहिए. मीडिया कवरेज पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अक्सर सिर्फ हेडलाइन पढ़कर राय बना ली जाती है. जब पूरा लेख या बयान पढ़ा जाता है, तब असली संदर्भ समझ में आता है और विवाद खुद ही खत्म हो जाता है.

आंतरिक चुनाव और वरिष्ठ नेताओं पर बयान

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने को लेकर उठे सवालों पर थरूर ने कहा कि पार्टी की लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत रही हैं. उन्होंने चुनाव लड़ा, हार स्वीकार की और वहीं उस अध्याय को खत्म मान लिया. वरिष्ठ भाजपा नेता एल के आडवाणी पर की गई टिप्पणी को उन्होंने शिष्टाचार बताया. थरूर ने कहा कि बड़ों का सम्मान भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और उनकी टिप्पणी उसी भावना से प्रेरित थी.

मोदी पर टिप्पणी और गलतफहमी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित तारीफ पर थरूर ने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बात को उद्धृत किया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पोस्ट में प्रशंसा नहीं थी. थरूर ने कहा कि अगर कोई पूरा टेक्स्ट पढ़े, तो यह साफ हो जाता है. अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालने से ही ऐसी गलतफहमियां पैदा होती हैं.

केरल चुनाव और विकास की सोच

केरल विधानसभा चुनावों को लेकर थरूर ने कहा कि उम्मीदवार चयन पर पार्टी नेतृत्व सभी नेताओं से सलाह लेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि यूडीएफ सत्ता में आएगी. विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केरल को निवेश के लिए अधिक अवसर खोलने होंगे ताकि रोजगार पैदा हो सके. राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति और कर्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टिकाऊ विकास के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता.

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