बंगाल में महिला चेहरे पर भी दांव संभव, क्या BJP को मिलेगी दूसरी महिला मुख्यमंत्री?

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है. भाजपा की सरकार बनने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की कमान किसके हाथ में सौंपी जाएगी. 9 मई, शनिवार को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी चेहरे की घोषणा नहीं की है, लेकिन अंदरखाने कई नामों पर चर्चा तेज हो गई है.

राज्य में भाजपा की जीत के बाद अब विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेता जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेता इस फैसले में अहम भूमिका निभाएंगे. सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु अधिकारी के नाम को लेकर हो रही है, जिन्होंने ममता बनर्जी को लगातार दो बार हराकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है. उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

महिला मुख्यमंत्री की भी चर्चा

इस बार यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा बंगाल में महिला मुख्यमंत्री का विकल्प चुन सकती है. पार्टी के भीतर कुछ महिला नेताओं के नाम तेजी से उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने हाल के चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है.

अग्निमित्रा पॉल का नाम चर्चा में

आसनसोल दक्षिण सीट से जीत दर्ज करने वाली अग्निमित्रा पॉल का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल है. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ दिखाई है. पॉल ने 2019 में भाजपा का दामन थामा था और जल्द ही पार्टी की महिला मोर्चा में अहम जिम्मेदारी संभाली. 2021 में पहली बार चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की. राजनीति में आने से पहले वह फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं और अपना खुद का ब्रांड चला चुकी हैं.

रूपा गांगुली भी रेस में

भाजपा की वरिष्ठ नेता रूपा गांगुली का नाम भी मुख्यमंत्री पद की संभावित सूची में शामिल है. उन्होंने सोनारपुर दक्षिण सीट से जीत हासिल की और लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी हुई हैं. रूपा गांगुली को लोग उनके अभिनय करियर के लिए भी जानते हैं, खासकर टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में निभाए गए उनके किरदार ने उन्हें लोकप्रिय बनाया था. वह राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं.

अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में

सीएम पद के लिए केवल यही दो नाम नहीं, बल्कि कई और नेताओं को भी संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष और आरएसएस से जुड़े उत्पल महाराज के नाम भी चर्चा में हैं. इन सभी नेताओं के अनुभव और संगठन में भूमिका को देखते हुए पार्टी किसी संतुलित फैसले पर पहुंचना चाहती है.

केंद्रीय नेतृत्व की अहम भूमिका

भाजपा ने इस पूरे प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है. इनकी देखरेख में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव किया जाएगा और उसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी.

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