US-ईरान तनाव का असर, भारत की ऑयल इंडस्ट्री को हर दिन 1700Cr का झटका

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US-Iran tensions impact India's oil industry, hitting ₹1700 crore a day
Meta AI

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के असर ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर दिया है. दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट आने से कई देशों में तेल संकट गहराने लगा है. इसका असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है, जहां एलपीजी सप्लाई और ऊर्जा आयात को लेकर दबाव बढ़ गया है. हालांकि केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.

घरेलू एलपीजी बढ़ा 

सरकार ने संकट के शुरुआती दिनों में ही घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया. इसके तहत रोजाना उत्पादन को 36 हजार टन से बढ़ाकर 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया गया. इसके अलावा तेल आयात के लिए नए देशों और वैकल्पिक मार्गों पर भी तेजी से काम किया गया, ताकि सप्लाई प्रभावित न हो.

पेट्रोल और डीजल की कीमत 

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल करीब 50 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है, लेकिन देश में पेट्रोल लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है.

1700 करोड़ रुपये का नुकसान 

हालांकि इसका बड़ा असर सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ रहा है. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां पिछले कई हफ्तों से पुराने दामों पर ईंधन बेच रही हैं. बताया जा रहा है कि इससे कंपनियों को रोजाना करीब 1600 से 1700 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है. बीते 10 हफ्तों में यह नुकसान एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है.

बता दें, भारत के कच्चे तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा, एलपीजी आयात का 90 प्रतिशत और एलएनजी आयात का 65 प्रतिशत इस संकट से प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद सरकार ने आम लोगों पर बोझ कम रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है.

एलपीजी सिलेंडर के दाम 

हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में मार्च महीने में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. जानकारी के अनुसार, अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फैसला लेना पड़ सकता है. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में बदलाव संभव है.

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