कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सिलिगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने चुनाव से पहले और 2025 में हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे। शिकायत के मुताबिक 2025 में कोलकाता में ईद के एक कार्यक्रम के दौरान बनर्जी ने हिंदुओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद चुनाव से पहले भी उन्होंने ऐसा ही बयान दिया।
बीजेपी कार्यकर्ता ने दर्ज कराया केस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह केस वकील और बीजेपी कार्यकर्ता रिंकी चटर्जी ने दर्ज करवाया है। रिंकी का कहना है कि उन्होंने 2025 में भी शिकायत की कोशिश की थी। लेकिन तब उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें प्रताड़ित किया गया। अब सिलिगुड़ी साइबर पुलिस ने शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस टीम
इससे पहले बीते सोमवार, 25 मई 2026 को पुलिस की एक टीम टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी। टीम अभिषेक के आवास ‘शांति निकेतन’ से सुरक्षा स्कैनिंग सिस्टम से जुड़ा एक LED टेलीविजन मॉनिटर अपने साथ ले गई। टीम में वर्दीधारी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके कुछ देर बाद ही अभिषेक के घर के बाहर पुलिस टीम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
जेड प्लस सुरक्षा और नगर निकाय के नोटिस
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद तरह-तरह के कयास लगने लगे। गौरतलब है कि कोलकाता नगर निकाय ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियों को भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के आरोप में कम से कम 17 नोटिस भेजे हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार अभिषेक बनर्जी की जेड प्लस सुरक्षा भी वापस ले चुकी है। अभिषेक ममता बनर्जी के भतीजे हैं।
फाल्टा हार के बाद टीएमसी में दरार
फाल्टा में करारी हार के बाद टीएमसी में अंदरूनी खींचतान के संकेत मिल रहे हैं। रविवार को आए नतीजों में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को 1,49,666 वोट मिले। उन्होंने 71 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए। माकपा के शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। यह कुल वोट का करीब 20 फीसदी है। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक तीसरे स्थान पर रहे। वहीं टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान सिर्फ 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर खिसक गए। उनकी जमानत भी जब्त हो गई। इस नतीजे को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
















