‘भारत के साथ व्यापार को पूरी तरह उदार बनाएंगे’: पुतिन का बड़ा ऐलान

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Vladimir Putin Announces: We Will Fully Liberalize Trade with India
Vladimir Putin Announces: We Will Fully Liberalize Trade with India

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत और यूरेशियन इकोनोमिक यूनियन, EAEU, व्यापार उदारीकरण पर बातचीत को तेज कर रहे हैं। उन्होंने बताया, “हम भारत के साथ व्यापार समझौतों को उदार बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।”

व्लादिमीर पुतिन के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले ही रिकॉर्ड 69 अरब डॉलर का व्यापार हो चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इससे आयात सस्ता होगा, भारतीय निर्यातकों को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम होगी।

EAEU में शामिल हैं पांच देश   

EAEU का मुख्यालय मॉस्को में है। इसमें आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस सदस्य देश हैं। यह संगठन सदस्य देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम की मुक्त आवाजाही पर काम करता है। 

मॉस्को की सबसे बड़ी प्राथमिकता है सहयोग मजबूत करना   

शुक्रवार को यूरेशियन आर्थिक परिषद की सर्वोच्च बैठक में पुतिन ने कहा कि EAEU देशों के साथ सहयोगी संबंधों को मजबूत करना रूस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यूरेशियन आर्थिक संघ के सभी देशों के साथ सहयोगी संबंधों को मजबूत करना रूस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि EAEU की गतिविधियों पर विदेशों में भी काफी ध्यान दिया जा रहा है। कई देश और संगठन संघ के साथ सहयोग करने में रुचि दिखा रहे हैं।

राष्ट्रीय मुद्राओं में होता है ज्यादातर लेनदेन   

राष्ट्रपति ने कहा कि EAEU में वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम के लिए साझा बाजार लगभग बन चुके हैं। उन्होंने बताया, “हमारे देशों के बीच लगभग सभी लेनदेन राष्ट्रीय मुद्राओं में किए जाते हैं।

इस प्रकार, पारस्परिक निर्यात और आयात लेनदेन बाहरी प्रभावों और वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुझानों से सुरक्षित रहते हैं।” इससे डॉलर पर निर्भरता घटती है और सदस्य देश आर्थिक झटकों से बचते हैं।

12 साल में बना प्रभावी आर्थिक संघ   

पुतिन ने कहा कि EAEU में चरणबद्ध तरीके से एक पूर्ण विकसित साझा आर्थिक क्षेत्र बन रहा है। उन्होंने EAEU को एक प्रभावी एकीकरण संघ बताया। पुतिन ने याद दिलाया, “ठीक 12 साल पहले, इसी दिन, 29 मई 2014 को, यूरेशियन आर्थिक संघ की स्थापना संधि पर अस्ताना में हस्ताक्षर किए गए थे। इस दस्तावेज को लागू करने के लिए हमारे देशों द्वारा किए गए निरंतर और अथक संयुक्त कार्य ने वास्तव में एक प्रभावी एकीकरण संघ का निर्माण संभव बनाया है।”

भारत और EAEU के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत लंबे समय से चल रही है। अगर यह समझौता होता है तो फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल और एग्री प्रोडक्ट्स के भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिल सकता है। वहीं रूस से कच्चे तेल, उर्वरक और हीरे का आयात सस्ता हो सकता है। यह कदम भारत के व्यापार को विविध बनाने और पश्चिम पर निर्भरता घटाने में मदद करेगा।

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