मुंबई: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के कथित पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है. बता दें, ठाणे पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी माने जा रहे बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया है. पुलिस का मानना है कि समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र कुमार गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड है, हालांकि वह अभी भी फरार है.
लगातार की जा रही छापेमारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, बिजेंद्र की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की टीमें बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं. वहींं इससे पहले भिवंडी पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पूछताछ के दौरान ही बिजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम सामने आया, जिसके बाद जांच का दायरा राज्य से बाहर तक बढ़ा दिया गया.
करीब 25 सालों से चल रहा पेपर लीक नेटवर्क
पुलिस का दावा है कि बिजेंद्र लंबे समय से पेपर लीक गिरोह से जुड़ा हुआ है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब 25 सालों से विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसका नाम पहले भी कई भर्ती परीक्षा लीक मामलों में सामने आ चुका है. इस खबर के बाद अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों की परीक्षाओं से जुड़े हैं या नहीं.
कब हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब भिवंडी पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली और हरियाणा से आए कुछ लोग परीक्षा से पहले टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद सूचना के आधार पर ठाणे के कोंगांव इलाके में जाल बिछाकर पुलिस ने आकाश, राजीव और धीरज नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. इतना ही नहीं कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रश्नपत्रों के चार सेट भी बरामद किए, जिस दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बिजेंद्र गुप्ता के मास्टरमांइड होने का खुलासा किया है.
TET की परीक्षा हुई स्थगित
बता दें, पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून को प्रस्तावित TET-2026 परीक्षा स्थगित कर दी थी. जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा में करीब छह लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी और राज्यभर में 1,728 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है. फिलहाल शिक्षा विभाग बरामद दस्तावेजों की जांच कर रहा है ताकि मामले से जुड़ी सच्चाई सामने आ सकें. बता दें, जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और परीक्षा की नई तारीख पर निर्णय लिया जाएगा.
















