नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका चाहता, तो ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में जुटे तमाम शीर्ष नेताओं को एक ही हमले में हमेशा के लिए खत्म कर सकता था. हालांकि, उन्होंने ऐसा जानबूझकर नहीं किया, क्योंकि अमेरिका की प्राथमिकता इस समय सैन्य कार्रवाई से ज्यादा ईरान के साथ परमाणु वार्ता को आगे बढ़ाना है.
‘अगर सबको मार देते तो बातचीत किससे करते?’
ट्रंप ने यह हैरान करने वाला बयान ‘एक्सिओस’ (Axios) को दिए एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में दिया. अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए इस इंटरव्यू में ट्रंप ने बेहद तीखे और सीधे शब्दों में कहा, ‘मैंने खामेनेई के जनाजे की तस्वीरें और वीडियो देखे हैं. वहां ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद था. सच कहूं तो हम एक ही वार में उन सबको वहां खत्म कर सकते थे. लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि अगर हम सबको ही खत्म कर देंगे, तो फिर हमारे पास टेबल पर बैठकर बातचीत करने के लिए कोई बचेगा ही नहीं.’
ट्रंप ने क्या दावा किया
ट्रंप ने आगे दावा किया कि इस समय ईरान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बेहद खराब है और वे किसी भी कीमत पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब हैं. उनके मुताबिक, ईरान इस समय बातचीत शुरू करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है.
कूटनीति के लिए दी ‘एक हफ्ते की छुट्टी’
फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत पर कुछ दिनों के लिए विराम लगा है. ट्रंप ने खुलासा किया कि दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि जब तक अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी नहीं हो जातीं, तब तक कोई भी पक्ष एक-दूसरे पर हमला नहीं करेगा. ट्रंप ने अपने रैलियों में इस पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि ‘हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की छुट्टी दी है.’ इसके साथ ही उन्होंने अपने उस दावे को फिर दोहराया कि खामेनेई युद्ध के शुरुआती दौर में ही अमेरिका और इजरायल के एक साझा सैन्य ऑपरेशन में मारे गए थे.
जनाजे में जुटी भीड़ और रोते लोगों को देख चौंके ट्रंप
इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के जनाजे में उमड़ी लाखों की भीड़ पर भी अचरज जताया. ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान की सड़कों पर जुटी इतनी बड़ी भीड़ को देखकर हैरान रह गए. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता था कि ईरान के आम लोग खामेनेई और वहां के शासन से नफरत करते हैं, इसलिए लोगों को रोते हुए देखकर मुझे काफी आश्चर्य हुआ.’ हालांकि, हमेशा की तरह अपने अनूठे अंदाज में तंज कसते हुए ट्रंप ने यह भी जोड़ दिया कि ‘हो सकता है कि वहां मौजूद लोगों के वे आंसू और दुख सच्चे न हों, बल्कि नकली हों.’ विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान यह साफ करता है कि अमेरिका इस समय ईरान में पूरी तरह तख्तापलट करने के बजाय उसे परमाणु समझौते की शर्तों पर झुकाने की रणनीति पर काम कर रहा है.












