नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे बदलावों का सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी उठापटक के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की दरों में गिरावट दर्ज की गई है. 25 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव फिसलकर ₹1,44,470 प्रति 10 ग्राम पर आ गया. देश के भीतर स्थानीय खरीदारों का रुख सुस्त रहने और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिलने के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है.
वायदा बाजार और वैश्विक कमोडिटी ट्रेंड्स
वायदा बाजार की स्थिति देखें तो शनिवार होने के कारण एमसीएक्स (MCX) पर कारोबार बंद रहा. हालांकि, इससे ठीक एक दिन पहले 24 जुलाई को एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹245 की मजबूती के साथ ₹1,42,821 पर बंद हुआ था. दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेक्स (COMEX) पर सोना मामूली तेजी के साथ 4,053 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ. वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के चलते अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में हाजिर सोना 4,052.78 डॉलर प्रति औंस के करीब बना रहा.
महानगरों में सोने की दरों की स्थिति
देश के अलग-अलग महानगरों में सोने के भाव में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना ₹1,44,470 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोने की दर ₹1,32,440 प्रति 10 ग्राम रही. मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,44,320 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा, वहीं इन शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,290 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई. गुजरात के अहमदाबाद शहर में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,44,370 और 22 कैरेट का भाव ₹1,32,340 प्रति 10 ग्राम रहा.
चांदी और प्लेटिनम का बाजार रुख
सोने की ही तरह चांदी की कीमतों में भी नरमी का रुख बना हुआ है. 25 जुलाई की सुबह भारतीय बाजार में चांदी की दर ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर मामूली बढ़त लेकर 58.11 डॉलर प्रति औंस पर रही, जबकि प्लेटिनम का भाव 1,587.17 डॉलर प्रति औंस दर्ज हुआ. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 999 शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना फिलहाल ₹1,42,757 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू कारकों के साथ-साथ आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक नीतियां सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी












