नई दिल्ली: मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार तड़के से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे के बीच दर्ज की गई तेज बारिश ने जहां एक तरफ दिल्लीवासियों को भीषण उमस से राहत दिलाई और वीआईपी इलाकों का मौसम दिलकश बना दिया, वहीं दूसरी ओर बुनियादी नागरिक सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी. व्यस्त समय में हुई झमाझम बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और दफ्तर के लिए निकले कामकाजी लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा. बारिश के कारण मध्य दिल्ली स्थित प्रसिद्ध व्यापारी केंद्र ‘सदर बाजार’ में घुटनों तक पानी भर गया.
तालाब बना दिल्ली का सदर बजार
बारिश के कारण मध्य दिल्ली स्थित प्रसिद्ध व्यापारी केंद्र ‘सदर बाजार’ में घुटनों तक पानी भर गया. सड़कों पर हुए भारी जलजमाव की वजह से न केवल आम लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई, बल्कि स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जलभराव ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा मानसून से पहले जल निकासी के लिए किए गए तमाम दावों की कलई खोल दी है. निचले इलाकों और प्रमुख चौराहों पर पानी जमा होने के कारण शहर भर में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई है. ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ड्राइवरों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए वाहन चलाने की हिदायत दी है.
तापमान में गिरावट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार और बुधवार (29 जुलाई) को दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त करते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. दिनभर आसमान में काले बादलों की आवाजाही बनी रहेगी.
मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
मंगलवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. हालांकि बीच-बीच में धूप निकलने पर थोड़ी उमस परेशान कर सकती है, लेकिन बारिश का दौर मौसम को सुहाना बनाए रखेगा. तेज बारिश के बाद लुटियंस दिल्ली, चाणक्यपुरी और कर्तव्य पथ जैसे क्षेत्रों में नजारा बेहद खुशनुमा और मनमोहक हो गया है.
प्रदूषण से राहत
लगातार हो रही बारिश का सबसे सकारात्मक प्रभाव दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर पड़ा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बारिश के चलते वातावरण में फैले धूल-कण बह गए हैं, जिससे पूरी राजधानी और आसपास के शहरों में हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुंच गई है. दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 77 से 87 के बीच दर्ज किया गया. एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी स्थिति काफी बेहतर रही, जहां गुरुग्राम में AQI 73, नोएडा और फरीदाबाद में 78, ग्रेटर नोएडा में 82 और गाजियाबाद में 85 दर्ज किया गया. दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में प्रदूषण का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रहता है, तो वायु प्रदूषण के स्तर में और अधिक सुधार होगा.












