नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेते नजर आ रहे हैं. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने लोगों से अपील की है कि इस आंदोलन को PoK से आगे बढ़ाकर पूरे पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के दूसरे हिस्सों तक ले जाया जाए. संगठन का कहना है कि यह लड़ाई राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों के लिए है.
JAAC की कोर कमेटी के सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ के लोगों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, न्याय और जरूरी बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक को मिलनी चाहिए. अरमान कश्मीरी का आरोप है कि PoK में अपने अधिकारों की मांग कर रहे लोगों की आवाज दबाने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सामने लाना है.
तीन दिनों में 40 मौतों का दावा
JAAC के एक अन्य सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में करीब 40 लोगों की मौत हुई है. उनका कहना है कि पिछले 52-53 दिनों के दौरान मृतकों की संख्या करीब 100 तक पहुंच गई है. उन्होंने सुरक्षा बलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. पाकिस्तान सरकार की ओर से भी इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद होने का दावा
JAAC ने PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद किए जाने का आरोप लगाया है. संगठन के मुताबिक, संचार सेवाओं पर रोक के कारण वहां की स्थिति की स्वतंत्र जानकारी सामने लाना मुश्किल हो रहा है. संगठन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है.
डी-चौक का धरना अस्थायी रूप से रुका
उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि इस्लामाबाद के डी-चौक पर चल रहा धरना खत्म नहीं हुआ है. लॉन्ग मार्च को फिलहाल इसलिए रोका गया है ताकि मृतकों के अंतिम संस्कार और घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा सके. उनका कहना है कि इसके बाद आंदोलन को और बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा.












