‘मेरे साथ गद्दारी हुई’, ‘भोजपुरी बवाल’ शो में तेज प्रताप यादव का छलका दर्द

0
6
Tej Pratap Yadav
Tej Pratap Yadav

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में यादव परिवार के बीच चल रही खींचतान लंबे समय से चर्चा का विषय रही है. अब तेज प्रताप यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पारिवारिक रिश्तों और राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर बात की है. बता दें, ‘भोजपुरी बवाल’ शो में पत्रकार शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में तेज प्रताप से परिवार के भीतर आई दूरियों को लेकर कई सवाल किए गए. इस दौरान उनके जवाबों में नाराजगी के साथ-साथ अपनों से दूर होने का दर्द भी नजर आया.

शो में बातचीत के दौरान शुभांकर मिश्रा ने तेज प्रताप से पूछा कि क्या सत्ता और कुर्सी की ताकत परिवार के रिश्तों में दरार पैदा कर सकती है? इस पर तेज प्रताप ने अपने अनुभव को फिल्म ‘बाहुबली’ की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि बाहुबली की जो असली कहानी है, कुछ वैसा ही उनके साथ भी हुआ है.

तेज प्रताप के साथ हुई गद्दारी 

वहीं, जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या उनके साथ गद्दारी हुई है, तो तेज प्रताप ने बिना ज्यादा घुमाए जवाब दिया कि हां, गद्दारी हुई है और यह बात सभी लोगों ने देखी है. इसके बाद उनसे जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाने की वजह, परिवार में कथित भेदभाव और राजनीतिक जिम्मेदारियों को लेकर सवाल किए गए. तेज प्रताप से पूछा गया कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, जबकि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली. इसके साथ ही यह भी सवाल हुआ कि आखिर पार्टी पर दूसरे लोगों का प्रभाव कैसे बढ़ गया. इस पर तेज प्रताप ने कहा कि पार्टी पर लोगों ने पहले ही कब्जा कर लिया था. 

लोग सब देख रहे है 

बातचीत आगे बढ़ी तो उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले को अपने माता-पिता के सामने उठाया था. इस पर तेज प्रताप ने कहा कि किसी की आंखें और मुंह बंद नहीं हैं, लोग सब कुछ देख रहे हैं. जब उनसे पिता लालू प्रसाद यादव द्वारा कथित तौर पर उनकी राजनीतिक उपेक्षा को लेकर सवाल किया गया, तो वह कुछ देर के लिए शांत नजर आए.  

इस दौरान उनके चेहरे के भावों से भावनात्मक तकलीफ साफ दिखाई दी. परिवार और राजनीति के बीच बने इस तनाव पर तेज प्रताप की बेबाकी अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रही है. कई लोग उनके बयान को उनके लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों से जोड़कर देख रहे हैं. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here