नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव का असर अब भारत में हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है. ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है.
एयरलाइन कंपनियों ने कहा है कि यह बढ़ोतरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर लागू होगी और इसे अलग-अलग चरणों में लागू किया जा रहा है.
दो चरणों में लागू किया जाएगा
एअर इंडिया के अनुसार, फिलहाल फ्यूल सरचार्ज को दो चरणों में लागू किया जा रहा है. इस फैसले के बाद भारत के घरेलू मार्गों और SAARC देशों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट के लिए करीब 399 रुपये तक ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. वहीं, पश्चिम एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के टिकट पर क्रमशः 10 डॉलर, 20 डॉलर और 30 डॉलर तक का अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज जोड़ा गया है.
ATF की कीमतों में तेजी
एयरलाइन का कहना है कि जेट ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अचानक आई तेज बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा. कंपनी के मुताबिक, मार्च 2026 की शुरुआत से ही ATF की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, जिससे एयरलाइंस की परिचालन लागत पर सीधा असर पड़ रहा है.
दरअसल पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कई महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं. इससे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में किसी भी तरह का व्यवधान सीधे भारतीय बाजार को प्रभावित करता है.
कुकिंग गैस की कीमतों में बढ़ोतरी
तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश में कुकिंग गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है. हाल ही में तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. हालांकि, सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है. और साथ ही रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस के कुल संचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जेट ईंधन पर खर्च होता है. ऐसे में ATF की कीमत बढ़ने से हवाई यात्रा महंगी होना स्वाभाविक है. दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में ATF पर ज्यादा टैक्स और वैट भी एयरलाइन कंपनियों के खर्च को और बढ़ा देता है.
एअर इंडिया ने संकेत दिया है कि फ्यूल सरचार्ज की नई व्यवस्था को आगे भी चरणों में लागू किया जा सकता है. यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द खत्म नहीं होता और ईंधन की कीमतें बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में यात्रियों को हवाई सफर के लिए और अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है.
















