नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दो मैच हारने के बाद आखिरकार अमेरिका की टीम ने जीत का खाता खोल लिया है. ग्रुप-A के मुकाबले में अमेरिका ने नीदरलैंड्स को 93 रनों के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में शानदार वापसी की. टी20 विश्व कप टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी एसोसिएट टीम की सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले यह रिकॉर्ड नेपाल के नाम दर्ज था, जिसने साल 2014 में चटगांव में हॉन्गकॉन्ग को 80 रन से हराया था.
यह मैच चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए अमेरिका ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 196 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया. जवाब में नीदरलैंड्स की टीम पूरी तरह दबाव में दिखी और 16वें ओवर से पहले ही 103 रन पर सिमट गई.
अमेरिका की पहली बल्लेबाजी
मैच की शुरुआत में नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. उनका मानना था कि बाद में ओस का असर पड़ेगा और लक्ष्य का पीछा करना आसान होगा. हालांकि, यह रणनीति उलटी पड़ गई. अमेरिका के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और रन गति को लगातार बनाए रखा.
टीम की ओर से सैतेजा मुक्कमल्ला ने सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजी की. उन्होंने 51 गेंदों में 79 रन बनाते हुए पारी को संभाला और बड़े शॉट्स भी लगाए. उनके अलावा शुभम रंजने ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 24 गेंदों में 48 रन बनाए. इन दोनों की पारियों की बदौलत अमेरिका का स्कोर 190 के पार पहुंच सका. नीदरलैंड्स की ओर से गेंदबाजी में बास डी लीडे सबसे सफल रहे और उन्होंने 3 विकेट लिए.
नीदरलैंड्स की खराब शुरूआत
196 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम शुरुआत से ही संघर्ष करती नजर आई. अमेरिकी गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए दबाव बनाया. टीम ने 66 रन तक पहुंचते-पहुंचते अपने 5 विकेट गंवा दिए थे, जिससे मैच लगभग एकतरफा हो गया. मध्यक्रम भी टिक नहीं पाया और पूरी टीम 15.5 ओवर में 103 रन पर ऑलआउट हो गई. नीदरलैंड्स की ओर से सबसे ज्यादा 23 रन बास डी लीडे ने बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला.
















