पर्थ: एशेज सीरीज का रोमांच हमेशा से क्रिकेट प्रेमियों को बेकरार रखता है. इस बार 2025-26 एशेज सीरीज का पहला टेस्ट मैच पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला जा रहा है. मैच के पहले ही दिन एक खास अनोखा रिकॉर्ड बन गया.
दरअसल, इस मुकाबले में कुछ ऐसा हुआ है, जो एशेज के 143 साल लंबे इतिहास में कभी नहीं हुआ. इस मुकाबले में तेज गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है.
दोनों टीमों का पहला विकेट शून्य पर गिरा
मैच की शुरुआत ही हैरान करने वाली रही. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी लेकिन उसकी पारी शुरू होने से पहले ही झटका लग गया. मिचेल स्टार्क की पहली ओवर की आखिरी गेंद पर जैक क्रॉली बिना खाता खोले आउट हो गए. यानी इंग्लैंड का स्कोर 0 पर ही पहला विकेट गिरा.
जवाब में जब ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी करने उतरी तो कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. जोफ्रा आर्चर ने पहली ही ओवर की दूसरी गेंद पर डेब्यू कर रहे जेक वेदरल्ड को शून्य पर आउट कर दिया. इस तरह ऑस्ट्रेलिया का भी पहला विकेट बिना कोई रन बने गिर गया.
इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
एशेज इतिहास में यह पहला मौका है जब एक ही टेस्ट मैच की पहली-पहली पारी में दोनों टीमों का पहला विकेट शून्य पर आउट हुआ हो. 1882 से शुरू हुई इस प्रतिद्वंद्विता में 143 साल बाद ऐसा अनोखा संयोग बना है.
इंग्लैंड की पारी 172 पर सिमटी
इंग्लैंड की टीम इसके बाद संभल नहीं पाई और महज 172 रन पर ऑलआउट हो गई. टीम की तरफ से हैरी ब्रूक ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए. ओली पोप ने 46 और जेमी स्मिथ ने 33 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके.
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह दिन मिचेल स्टार्क का रहा. स्टार्क ने 7 विकेट लेकर अपने टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. सिर्फ 58 रन देकर 7 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए सपने जैसा है. उनके अलावा ब्रेंडन डॉगेट ने 2 और कैमरून ग्रीन ने 1 विकेट हासिल किया.
नया रिकॉर्ड नई शुरुआत
पर्थ की तेज और उछाल वाली पिच पर गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला. पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में बिना विकेट खोए कुछ रन जोड़ लिए थे लेकिन असली चर्चा तो उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की हो रही है जो 143 साल बाद बना.
















