चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर ठग बना रहे लोगों को शिकार, I4C विंग ने जारी किया अलर्ट

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देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं. हेलीकॉप्टर बुकिंग और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है. इसको लेकर गृह मंत्रालय के साइबर विंग I4C ने बड़ा अलर्ट जारी किया है.

यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ होगी. इसके बाद केदारनाथ 22 अप्रैल और बद्रीनाथ 23 अप्रैल को खुलेंगे. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं.

अब तक कितनों के हुए खुलासे?

अब तक पुलिस ने ठगी से जुड़े 300 से ज्यादा वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खाते और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक या रिपोर्ट किया है. उत्तराखंड पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी है.

कैसे हो रही है ठगी?

साइबर ठग असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइट बनाते हैं. ये लोग सर्च रिजल्ट में ऊपर आने के लिए विज्ञापन और तकनीक का इस्तेमाल करते हैं. जैसे ही कोई यात्री इन साइट्स पर जाता है, ठग उसे व्हाट्सएप या कॉल के जरिए संपर्क करते हैं.

इसके बाद फर्जी आईडी दिखाकर भरोसा जीतते हैं और लास्ट स्लॉट या वीआईपी टिकट का लालच देकर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाते हैं. भुगतान के लिए यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड भेजा जाता है. पैसा जमा होते ही नंबर बंद हो जाते हैं या फर्जी टिकट थमा दिया जाता है.

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

I4C के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है. 265 से ज्यादा संदिग्ध वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा चुके हैं. 100 से ज्यादा मोबाइल नंबर और कई बैंक खातों पर भी शिकंजा कसा गया है.

इसके अलावा साइबर फ्रॉड कॉम्बैट फोर्स का गठन किया गया है, जो लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग करें.

इस ठगी का शिकार आम लोग ही नहीं बल्कि एक जज भी हो चुके हैं. मध्य प्रदेश के एक जज ने ऑनलाइन ऐड देखकर बुकिंग की और ठगों के झांसे में आ गए. उन्होंने करीब 1.07 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में पता चला कि टिकट फर्जी है. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

क्या रखें सावधानी?

यात्रियों को सलाह दी गई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, केवल सरकारी पोर्टल से ही रजिस्ट्रेशन करें और किसी भी व्यक्ति को सीधे भुगतान करने से बचें. अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें.

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