लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में एक बार फिर से सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला. मुगल काल के इस ऐतिहासिक इमारत को लेकर छात्रों के बीच टकराव फिर से देखने को मिला. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर जर्जर स्थिति वाली इस इमारत में निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन मुस्लिम छात्रों का आरोप है कि रामजान के दौरान नमाज के लिए प्रवेश द्वार को जानबूझकर बंद किया गया.
मुस्लिम समुदाय के गुस्साएं छात्रों ने रविवार को बैरिकेड हटाकर परिसर में नमाज अदा की और फिर वहीं बैठकर इफ्तार किया, जिसके बाद दोनों छात्रों के बीच विवाद बढ़ गया. नमाज पढ़े जाने के बाद हिंदू छात्रों ने इसका विरोध जताते हुए सोमवार को परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए.
दो पक्षों के बीच बढ़ा तनाव
विश्वविद्यालय के अंदर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति देखने को मिली. विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला. हिंदू छात्रों का कहना है कि यदि कैंपस में सुंदरकांड या हनुमान चालीसा पाठ पर रोक है, तो नमाज को अनुमति क्यों दी जाए. उन्होंने लिखित शिकायत देकर सभी धार्मिक गतिविधियों पर समान प्रतिबंध की मांग की है.
इसके बाद आज यानी मंगलवार को हिंदू संगठनों ने लाल बारादरी के निकट हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया. इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर कैंपस में घुसने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ हल्की झड़प हुई. कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित कर मौके से हटाया गया. पुलिस एक्शन लेते हुए कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है.
यूपी पुलिस ने की कार्रवाई
लखनऊ पुलिस ने नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने के आरोप में 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है. आरोप है कि इन छात्रों ने निर्माण कार्य में बाधा डाली और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था भंग की. प्रशासन ने इन छात्रों को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की गारंटी के रूप में भारी मुचलका और दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल इमारत की सुरक्षा और संरक्षण के लिए है, न कि किसी धार्मिक गतिविधि के विरोध में. प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कानूनी रास्ता अपनाने की अपील की है.















