मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब काफी ज्यादा बढ़ चुका है. इस जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने शुक्रवार को बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया है.
IRGC ने कहा कि इस हमले से पोत को भारी नुकसान हुआ. जिसके कारण उसे क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ऐसी कोई खबर की पुष्टि नहीं की गई है.
ईरानी सरकार का बड़ा दावा
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया कि IRGC की नौसेना ने ओमान सागर के पास यह सटीक ऑपरेशन चलाया. उन्होंने कहा कि हमले में हाई टेक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हमला ईरान की समुद्री सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर किया गया. IRGC ने दावा किया कि पोत अब काम करने लायक नहीं बचा है. साथ ही यह भी दावा किया गया कि इस हमले के बाद स्ट्राइक ग्रुप को तेजी से इलाके से हटना पड़ा. ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि विदेशी सैन्य दबाव को रोकना जरूरी है.
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका की ओर से इन दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया है. CBS न्यूज के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कोई हमला नहीं हुआ. इसके बजाय, उनकी नौसेना ने एक ईरानी पोत के खतरनाक तरीके से करीब आने पर जवाबी कार्रवाई की. यूएस सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट कहा कि मिसाइलें पोत के करीब भी नहीं पहुंचीं. पोत अब भी सामान्य रूप से काम कर रहा है और हमलों में हिस्सा ले रहा है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के इस संघर्ष के कारण पूरे विश्व में टेंशन का माहौल है. एक ओर अमेरिका लगातार चेतावनी दे रहा है, वहीं ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों ओर से अभी युद्ध विराम के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. जिसके कारण ईधन की समस्या अब वैश्विक समस्या बन चुकी है. हालांकि इस जंग में अमेरिका को अभी तक लगभग 12 बिलियन डॉलर का नुकसान हो चुका है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इसे छोटी कीमत बता रहे हैं. वहीं ईरान में भी तबाही का मंजर है. लाखो लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं.
















