नई दिल्ली: देश में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है. मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आने वाली एलपीजी पर असर पड़ा है. भारत जो बड़ी मात्रा में आयात करता है, वहां घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने से व्यावसायिक क्षेत्र में संकट गहराया है.
कई शहरों में किल्लत
दिल्ली से मुंबई तक लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं कि सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है, दाम बढ़े हैं और कई ढाबे-होटल बंद होने की कगार पर हैं. ऐसे वक्त में अचानक गैस खत्म होना किसी के लिए भी मुसीबत बन सकता है, खासकर जब घर में मेहमान हों या जल्दी खाना बनाना हो. लेकिन अच्छी बात ये है कि बिना किसी महंगे उपकरण के घरेलू तरीकों से गैस का स्तर चेक किया जा सकता है.
पानी से चेक करें गैस का स्तर
सबसे आसान और तुरंत नतीजा देने वाली ट्रिक है पानी वाली विधि. एक गिलास या जग में पानी भरें और सिलेंडर के ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर धीरे-धीरे डालें. कुछ सेकंड इंतजार करने के बाद हाथ से सिलेंडर को छुएं. जहां तक ठंडक महसूस होगी, वहां तक लिक्विड गैस मौजूद है, क्योंकि लिक्विड गैस गर्मी जल्दी सोख लेती है. अगर ठंडा हिस्सा बहुत नीचे रह गया है तो समझ लें कि गैस कम बची है और जल्द बुकिंग कर लें.
वजन से लगाएं सटीक अंदाजा
अगर आप ज्यादा सटीक जानकारी चाहते हैं तो सिलेंडर का वजन चेक करना बेहतर है. हर सिलेंडर पर खाली वजन (टेयर वेट) लिखा होता है, जैसे 15.5 किलो. घर की वेट मशीन पर सिलेंडर रखकर कुल वजन देखें. उसमें से खाली वजन घटा दें. मिसाल के तौर पर अगर कुल 28.5 किलो है तो करीब 13 किलो गैस बची है. इससे साफ अंदाजा लग जाता है कि कितने दिन और चलेगी.
लौ के रंग और व्यवहार से मिलता है संकेत
गैस कम होने पर चूल्हे की लौ भी बदल जाती है. अगर पहले की तुलना में लौ छोटी हो गई हो, रंग हल्का पीला दिख रहा हो या खाना पकने में ज्यादा समय लग रहा हो, तो ये खत्म होने का संकेत है. ऐसे में इंतजार न करें, तुरंत नया सिलेंडर बुक कर लें. ये छोटी-छोटी बातें समय रहते समस्या से बचा सकती हैं.
















