गैस सिलेंडर की चिंता छोड़िए! भारत आ रही LPG की बड़ी खेप, अब खत्म होगा सप्लाई का संकट

देश में एलपीजी की कमी की अफवाहों के बीच सरकार ने राहत भरी खबर दी है. दो नए एलएनजी कार्गो भारत आ रहे हैं और कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है.

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LNG Cargoes and Stable Oil Supplies
LNG Cargoes and Stable Oil Supplies

नई दिल्ली: भारत में एलपीजी की संभावित कमी को लेकर बनी आशंकाओं के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है. मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि ऊर्जा आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जा रही है. वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा वैकल्पिक मार्गों से भी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया गया है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं होगी और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं. ग्राहकों को बुकिंग के लिए अफरा-तफरी नहीं मचानी चाहिए.

देश की ओर प्राकृतिक गैस (LNG) के दो बड़े कार्गो तेजी से बढ़ रहे हैं, जो जल्द ही भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे. पेट्रोलियम और मानव संसाधन मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार कच्चे तेल की आवक भी सामान्य बनी हुई है. आज की स्थिति में तेल की जो मात्रा प्राप्त हो रही है. वह होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली सामान्य मात्रा से भी अधिक है. इससे ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की पूरी उम्मीद है .

वैकल्पिक मार्गों का बढ़ता उपयोग 

सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले केवल 55% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य रास्तों से आता था, लेकिन अब यह बढ़कर 75% हो गया है. विभिन्न तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अलग-अलग देशों से कार्गो मंगाए हैं, ताकि किसी भी क्षेत्रीय तनाव का असर भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों पर न पड़े. सरकार वैश्विक संकटों के बीच खास एहतियात बरत रही है.

रिफाइनरियों की रिकॉर्ड कार्यक्षमता 

घरेलू स्तर पर गैस और तेल की कमी को पूरा करने के लिए भारतीय रिफाइनरियां दिन-रात काम कर रही हैं. अधिकारी ने बताया कि हमारी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता का उपयोग कर रही हैं. कुछ तो अपनी निर्धारित क्षमता से 100% से भी अधिक पर संचालित हो रही हैं. वर्तमान में गैस की कुल दैनिक खपत 189 मिलियन सेमी है, जिसमें से लगभग 97.5 मिलियन सेमी का उत्पादन देश के भीतर ही हो रहा है.

मध्य पूर्व तनाव और उत्पादन 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति के समक्ष चुनौतियां जरूर पेश की हैं. तनाव के कारण दैनिक रूप से 47.4 मिलियन सेमी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है. हालांकि सरकार के हस्तक्षेप के बाद घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 फीसदी की शानदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इस बढ़े हुए उत्पादन का सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जाएगा. मंत्रालय वैकल्पिक मार्गों से लगातार खरीद प्रक्रिया जारी रखे हुए है. ताकि आपूर्ति बाधित न हो.

बुकिंग में सावधानी और स्थिर कीमतें 

दिल्ली में आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है. सरकार के सक्रिय कदमों की वजह से ही कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में मात्र 2.5 दिन का समय लगता है, इसलिए ग्राहकों को सिलेंडर बुक करने के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी या पैनिक बुकिंग करने की कोई आवश्यकता नहीं है. ऊर्जा आपूर्ति की पल-पल निगरानी की जा रही है ताकि आम जनता को राहत मिले.

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