‘नाकाबंदी से गुजरे तो नामो-निशां मिटा देंगे’, होर्मुज को लेकर ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी के करीब आने पर 'तत्काल विनाश' की कड़ी चेतावनी दी है. ट्रम्प ने दावा किया कि ईरानी नौसेना पहले ही भारी नुकसान झेल चुकी है, जबकि ईरान ने भी 'ईंट का जवाब पत्थर से' देने का ऐलान किया है.

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US President Donald Trump
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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां कूटनीति के शब्द कम और बारूद की गूंज अधिक सुनाई दे रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक खतरनाक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि उसका कोई भी नौसैनिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तत्काल नष्ट कर दिया जाएगा. ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी आक्रामक शैली में ट्रम्प ने लिखा, ‘चेतावनी: यदि इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के कहीं भी करीब आता है, तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा.’ ट्रम्प का यह बयान क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंकाओं को और अधिक गहरा देता है.

राष्ट्रपति ट्रम्प ने न केवल चेतावनी दी, बल्कि यह दावा भी किया कि ईरानी नौसेना पहले ही बड़े पैमाने पर नष्ट हो चुकी है. उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि ईरान की नौसेना अब समुद्र की तलहटी में लेटी हुई है और उसके लगभग 158 जहाज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं. हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि ईरान के पास अभी भी ‘फास्ट अटैक शिप्स’ की एक छोटी संख्या बची हुई है. ट्रम्प के अनुसार, इन छोटे जहाजों को अब तक इसलिए निशाना नहीं बनाया गया क्योंकि इन्हें पहले एक बड़े खतरे के रूप में नहीं देखा गया था.

ड्रग डीलरों जैसा होगा ‘क्विक और ब्रूटल’ अंत 

ट्रम्प ने अमेरिकी कार्रवाई की प्रकृति को स्पष्ट करते हुए इसकी तुलना समुद्र में नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ किए जाने वाले ऑपरेशनों से की. उन्होंने कहा कि ईरान के जहाजों को उसी ‘किल सिस्टम’ से खत्म किया जाएगा जिसका उपयोग ड्रग डीलरों के खिलाफ किया जाता है, जो अत्यंत तेज और क्रूर होता है. इसी पोस्ट के अंत में उन्होंने एक ‘पी.एस.’ जोड़ते हुए दावा किया कि समुद्र के रास्ते अमेरिका में आने वाली 98.2% नशीली दवाओं की आमद अब रुक चुकी है.

व्यापक नाकाबंदी और ईरान की जवाबी धमकी 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि यह नाकाबंदी ईरान के पूरे समुद्र तट पर लागू होगी, जिसमें फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी बंदरगाह शामिल होंगे. इस कदम का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना है ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले और शांति समझौते को स्वीकार करे.

इस बीच, ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है. ईरानी मीडिया ने सैन्य अधिकारियों के हवाले से कहा कि यदि यह तनाव बढ़ता है, तो क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने सीधे ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर तुम लड़ोगे, तो हम भी लड़ेंगे.’

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