नई दिल्ली: इजरायल में आम चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि ईरान और उसके सहयोगी संगठन मंगलवार को होने वाली मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए हमले की साजिश रच सकते हैं। नेतन्याहू के इस बयान से चुनाव से पहले देश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इजरायल के खिलाफ कोई शत्रुतापूर्ण कदम उठाया गया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
रविवार को अपने कार्यालय की ओर से जारी वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि उनके पास ऐसी खुफिया जानकारी है, जिससे संकेत मिलता है कि दुश्मन चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने ईरान को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को उकसाने की कोशिश न की जाए, क्योंकि जवाब उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर रक्षात्मक के साथ आक्रामक कार्रवाई भी कर सकती है।
सुरक्षा के मुद्दे पर नेतन्याहू का चुनावी अभियान
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा को अपनी रणनीति का मुख्य हिस्सा बना लिया है। वह मतदाताओं के सामने खुद को ऐसे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, जो ईरान से पैदा होने वाले खतरों का मुकाबला कर सकता है। उनका जोर इस बात पर है कि मौजूदा क्षेत्रीय संकट के बीच देश को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ फरवरी में अमेरिका के साथ मिलकर चलाए गए सैन्य अभियान का भी जिक्र किया। इसके जरिए वह अपनी सुरक्षा नीति और नेतृत्व क्षमता को मतदाताओं के सामने रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने इजरायली सुरक्षा बलों को ईरान के धार्मिक शासन को हटाने के उद्देश्य से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इससे पहले नेतन्याहू ने एक लड़ाकू विमान के सामने खड़े होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत का वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने दोनों देशों के मिलकर अपने अभियान को अंजाम तक पहुंचाने की बात कही थी।
परमाणु हमले की तस्वीर से बढ़ा राजनीतिक तनाव
रविवार को नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई एक तस्वीर भी साझा की। इसमें तेल अवीव के ऊपर परमाणु विस्फोट के बाद उठता विशाल मशरूम जैसा धुएं का गुबार दिखाया गया था। इस तस्वीर के साथ उन्होंने एक दक्षिणपंथी टिप्पणीकार के विचारों का हवाला दिया। उस टिप्पणी में ईरान को इजरायल के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बताया गया था। साथ ही यह तर्क दिया गया था कि चुनाव के दौरान उठाए जा रहे दूसरे मुद्दों की तुलना में राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।












