नई दिल्ली: दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हाईजैक के प्रयास की कहानी अब सामने आई है। विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने पूरी घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे को-पायलट ने प्लेन क्रैश कराने की नीयत से उन पर हमला किया था। फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार ने बताया कि हमले के बावजूद वह डटे रहे और विमान को क्रैश होने से बचा लिया।
दो घंटे तक कोई शक नहीं हुआ
मच्छार ने बताया कि को-पायलट हमाद अल-हम्मामी करीब दो घंटे तक उनके बगल में बैठा रहा और ऐसा कोई संकेत नहीं दिया जिससे शक हो। उन्होंने कहा, “पहली बार जब मुझ पर हमला हुआ तो मुझे लगा कि एयरक्राफ्ट के स्ट्रक्चर में कुछ खराबी आ गई है और कुछ मेरे सिर पर गिर गया है। मैं कंट्रोल कॉलम पर गिरने ही वाला था। कुछ सेकंड तक लगातार हमले होने के बाद मुझे समझ आया कि यह वही दूसरा आदमी है जिसे मैं टीम का हिस्सा समझ रहा था।”
भारतीय पायलट ने बताया कि हमले के बाद क्या हुआ, उन्हें ठीक से याद नहीं है। कई कोशिशों के बाद वह खुद को सीट बेल्ट से छुड़ाने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा, “मैं अपने साथियों के लिए चिल्ला रहा था। मुझे लगता है उस वक्त मैं पहली बार बेहोश हुआ था। मैं कॉकपिट में मुंह के बल गिर गया था।”
इजरायली प्लंबर वाले दावे पर क्या बोले कैप्टन?
इस घटना में एक इजरायली प्लंबर यानिव हेयून का नाम भी सामने आया था। हेयून ने दावा किया था कि उसने कॉकपिट में घुसकर को-पायलट को पीटकर नीचे गिरा दिया और फिर विमान को कंट्रोल किया। उसने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को बताया था कि उसने ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ शो देखकर प्लेन कंट्रोल करना सीखा था।
इस पर कैप्टन मच्छार ने कहा, “सच कहूं तो मुझे प्लंबर की कहानी के बारे में नहीं पता। मेरी पूरी एनर्जी हार न मानने पर लगी थी। मुझे याद है फ्लाइट के सीनियर ने कहा था कि कैप्टन कंट्रोल में थे।” उन्होंने आगे कहा, “क्या कोई प्लंबर एयरक्राफ्ट लैंड करा सकता है? मैं अंदाजा नहीं लगाना चाहता। उस समय मेरी याददाश्त और मेरी पूरी ताकत बस खुद को जिंदा रखने में लगी थी।” कैप्टन के इस बयान के बाद प्लंबर के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल मच्छार की हिम्मत की हर तरफ तारीफ हो रही है, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।












