नई दिल्ली: भारतीय रेल को देश की ‘लाइफलाइन’ कहा जाता है। हर दिन करोड़ों लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए ट्रेनों का सहारा लेते हैं। हालांकि, सुविधाओं के साथ-साथ रेलवे परिसर में यात्रियों की लापरवाही और सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग की तस्वीरें भी लगातार सामने आती रहती हैं। कभी सीट को लेकर खींचतान, तो कभी रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबरें सुर्खियां बनती हैं। इसी कड़ी में अब सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर ट्रेन में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छोटा टेबल फैन लेकर किया सफर
वायरल हो रहे इस नए वीडियो में एक यात्री ट्रेन के डिब्बे में अपने साथ छोटा टेबल फैन लेकर सफर करता नजर आ रहा है। गर्मी या असुविधा से बचने के लिए उसने ट्रेन के मोबाइल चार्जिंग सॉकेट में पंखे का प्लग लगाने की कोशिश की। हालांकि, उसकी यह कोशिश नाकाम रही और पंखा चालू नहीं हुआ।
मैगी बनाने का मामला भी आया था सामने
ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट के गलत इस्तेमाल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक वीडियो खूब चर्चा में रहा था, जिसमें एक यात्री सॉकेट में इलेक्ट्रिक केतली का प्लग लगाकर मैगी पकाता दिखाई दिया था। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे में सॉकेट की क्षमता और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर किया है।
हाई-वोल्टेज उपकरण चलाने से क्यों होती है नाकामी?
आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाले पंखे, इलेक्ट्रिक केतली, हीटर, वाटर रॉड और इंडक्शन कुकर 230 वोल्ट एसी बिजली पर काम करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इसके विपरीत, ट्रेनों में दिए जाने वाले चार्जिंग पॉइंट मुख्य रूप से मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसे छोटे उपकरणों के लिए होते हैं। इनकी बिजली क्षमता बेहद सीमित होती है। जब कोई यात्री इन सॉकेट्स में ज्यादा लोड वाला घरेलू सामान लगाता है, तो वे उपकरण पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण नहीं चल पाते।
यात्रियों की असुविधा का खतरा
क्षमता से अधिक लोड वाला उपकरण लगाने पर ट्रेन के विद्युत सर्किट में लगी सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है। ऐसे में संबंधित सॉकेट का फ्यूज ट्रिप हो सकता है या पूरा चार्जिंग पॉइंट कुछ समय के लिए बंद पड़ सकता है। इसका सीधा असर आसपास बैठे अन्य यात्रियों पर पड़ता है, जो अपना मोबाइल या जरूरी गैजेट चार्ज नहीं कर पाते। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील करता है कि वे चार्जिंग पॉइंट का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।












