पटना: बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के तहत विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए हैं. इसी के चलते राज्य के कई विभागों ने नई नियुक्तियों और स्थानांतरण से संबंधित अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं. बता दें, इन फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभागीय जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण करना माना जा रहा है.
कहा देखने को मिला सबसे बड़ा बदलाव
इस दौरान सबसे बड़ा बदलाव ग्रामीण विकास विभाग में देखने को मिला है. विभाग ने देर रात जारी आदेश में 68 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) का तबादला किया है. इसके साथ ही कई जिलों में नए बीडीओ की नियुक्ति भी की गई है. इसी क्रम में सीमा कुमारी को पटना सदर का नया बीडीओ बनाया गया है. विभागीय आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को जल्द ही अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं.
यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है. इससे पहले पिछले महीने भी कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले किए गए थे. अब एक बार फिर विभिन्न विभागों में बदलाव कर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने की पहल की है.
स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों में भी हुआ बदलाव
स्वास्थ्य विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. 30 जून को विभाग की ओर से तीन अधिकारियों के स्थानांतरण संबंधी अधिसूचना जारी की गई, जिसके बाद उन्हें नए पदों पर तैनात किया गया है. इसी तरह भवन निर्माण विभाग में भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है. विभाग ने 24 से एक्जीक्यूटिव इंजीनियर का तबादला करते हुए नई पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं.
वहीं, सहकारिता विभाग में भी 150 से अधिक कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है. इनमें कई कर्मचारियों को नए जिलों और अलग-अलग कार्यालयों में नियुक्त किया गया है. विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्थानांतरित अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय के भीतर अपने नए कार्यस्थल पर योगदान दें.
क्यों किया गया प्रशासनिक
लगातार हो रहे इन प्रशासनिक बदलावों से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है. अधिकारियों और कर्मचारियों की नई तैनाती के बाद विभिन्न विभागों में कार्यशैली और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इन फेरबदल का असर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की गति पर भी दिखाई देने की संभावना है.













