1 September New Rules: 1 सितंबर से बदल जाएंगे कई बड़े नियम, अगस्त खत्म होने से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

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New Rules From 1 September
Gemini

नई दिल्ली: अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और सितंबर की शुरुआत के साथ आम लोगों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है. इनका असर आपकी यात्रा, बैंकिंग, टैक्स और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ सकता है. कुछ कामों की समय सीमा अगस्त के अंत में खत्म हो रही है, जबकि कुछ नए नियम सितंबर से लागू होंगे. ऐसे में जरूरी कामों को समय पर पूरा करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि देरी होने पर अतिरिक्त खर्च या दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. सितंबर शुरू होने से पहले इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है. आइए जानते हैं 1 सितंबर और आने वाले दिनों में किन नियमों पर नजर रखनी चाहिए.

1 सितंबर से भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा. अब यात्रियों को अपने बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन काउंटर से स्टैंप लगवाने की जरूरत नहीं होगी. वे मोबाइल में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के उद्देश्य से किया गया है. इससे बोर्डिंग पास पर स्टैंप से जुड़ी परेशानियां भी खत्म हो सकती हैं.

इनकम टैक्स से जुड़ा जरूरी नियम

बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वाले लोगों को ITR फाइल करते समय सही फॉर्म चुनना जरूरी है. एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है. अनुमानित टैक्स व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपये तक की कारोबार आय वाले लोग ITR-4 यानी सुगम फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, अधिक आय, नियमित खाते रखने वाले या F&O ट्रेडिंग करने वाले लोगों को ITR-3 फाइल करना पड़ सकता है.

एफडी से जुड़े नियम

बैंक एफडी से संबंधित कुछ नए नियम भी आने वाले हैं, हालांकि ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इसके तहत 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी जमा राशि पर बैंकों को ब्याज दरों की जानकारी हर कारोबारी दिन सुबह 10:10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर देनी होगी. एक ही दिन जमा की गई समान रकम पर बैंक की अलग-अलग शाखाएं अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगी. इन नियमों का मकसद बड़ी एफडी पर ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना है. छोटी एफडी वाले सामान्य ग्राहकों पर इसका सीधा असर सीमित रहने की संभावना है.

एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए जरूरी काम

एलपीजी कनेक्शन का ई-केवाईसी पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के लिए समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है. ई-केवाईसी या आधार बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी बताया गया है. समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर गैस सप्लाई या घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने से जुड़ी परेशानी हो सकती है. इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की ओर से उपभोक्ताओं को यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की जानकारी दी जा चुकी है.

सितंबर की शुरुआत में एलपीजी सिलेंडर और एटीएफ की नई कीमतें भी सामने आ सकती हैं. बैंक एफडी की ब्याज दरों और एटीएम से जुड़े शुल्क में बदलाव की संभावना पर भी नजर रहेगी. ऐसे में महीने की शुरुआत में नए रेट और नियम जरूर जांच लें, ताकि बजट और जरूरी खर्चों की पहले से योजना बनाई जा सके.

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