नई दिल्ली: कैलेंडर पर अगस्त का महीना खत्म होते ही 1 सितंबर 2026 से देश भर में आम नागरिक के दैनिक जीवन और बजट से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। कहीं वाणिज्यिक गैस के दाम बढ़ने से बाहर खाना महंगा होने की आशंका है, तो कहीं गाड़ियों के बढ़े दामों ने नए वाहन प्रेमियों की जेब पर भार बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं 1 सितंबर से हुए इन प्रमुख बदलावों का पूरा विवरण।
कमर्शियल सिलेंडर महंगा, घरेलू राहत जारी
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 9.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का नया भाव 2,747.50 रुपये हो गया है।
राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल और डीजल की रोजाना तय होने वाली दरों में भी स्थिरता बनी हुई है।
मुंबई में दूध हुआ महंगा
अगर आप सितंबर में नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको थोड़ा अधिक बजट तय करना होगा। ऑटोमोबाइल कंपनियों में टाटा मोटर्स ने अपने अलग-अलग मॉडल्स पर 25,000 रुपये तक का इजाफा किया है, वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में लगभग 1 फीसदी की बढ़ोतरी लागू की है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और इनपुट कॉस्ट में उछाल के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
इसके अलावा, मुंबई के तबेला संचालकों और दूध व्यापारियों ने चारे की ऊंची दरों का हवाला देते हुए खुले दूध की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है, जिससे वहां सुबह की चाय और डेयरी उत्पाद महंगे हो गए हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स और पानी-सीवर दरें बढ़ीं
हरियाणा के फरीदाबाद शहर के निवासियों के लिए 1 सितंबर का दिन अतिरिक्त वित्तीय बोझ लेकर आया है। शहर में अब प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन कलेक्टर रेट के आधार पर किया जाएगा, जिससे महंगे व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्रों का टैक्स बढ़ जाएगा। साथ ही, स्थानीय निकाय द्वारा करीब 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पानी और सीवर के शुल्क में 200 प्रतिशत तक की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
यात्रियों को डिजिटल सुविधा
विदेश जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए इमिग्रेशन ब्यूरो ने एक बड़ी सुविधा की शुरुआत की है। अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बोर्डिंग पास पर भौतिक मुहर (फिजिकल स्टैंप) लगवाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है और मोबाइल पर दिखाया गया इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास ही मान्य होगा। दूसरी तरफ, जिन करदाताओं या कारोबारियों ने 31 अगस्त की अंतिम तिथि तक अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है, उन्हें अब 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक के जुर्माने (Belated Return) के साथ रिटर्न दाखिल करना होगा। देर से रिटर्न दाखिल करने का यह अवसर 31 दिसंबर 2026 तक ही उपलब्ध रहेगा।












