नई दिल्ली: तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार देर रात हुए एक भयानक हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अस्पताल के नवजात वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) की शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और देखते ही देखते पूरे वार्ड में जहरीला और घना धुआं भर गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन मासूम नवजात बच्चों की जान जा चुकी है, जिनमें एक महज 5 दिन का बच्चा भी शामिल था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
AC फटने से आग, 3 मासूमों की मौत
सोमवार देर रात करीब 11:40 बजे SNCU वार्ड के AC में अचानक जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। घटना के वक्त वार्ड में 24 नवजात भर्ती थे, जिन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। अग्निशमन दल ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और अन्य वार्डों तक फैलने से रोक दिया।
निज़ामाबाद में एक और बच्चे ने तोड़ा दम
दमघोंटू धुएं की चपेट में आने से बच्चों की हालत बिगड़ने लगी थी। रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए 20 से अधिक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें पास के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया।
धुएं और झुलसने की वजह से इलाज के दौरान अब तक तीन बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। शुरुआती बचाव कार्य के दौरान करीब 26 हफ्ते के एक प्रीमैच्योर बच्चे ने दम तोड़ दिया था, जबकि बाकी बच्चों का विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज जारी था। मंगलवार को इलाज के दौरान निज़ामाबाद में एक और मासूम ने अंतिम सांस ली, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़कर तीन हो गया।
मामले की जांच के आदेश
हादसे की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन ने RIMS अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही की जांच की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता अन्य अस्पतालों में भर्ती कराए गए बच्चों की जान बचाना और उन्हें वेंटिलेटर व ऑक्सीजन जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।












