चुनाव आयोग में अधिकारियों के कामकाज और जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। आयोग ने डिप्टी इलेक्शन कमिश्नरों और महानिदेशकों के बीच विभागों का नए सिरे से आवंटन किया है। चार नवंबर को जारी आदेश के तहत वरिष्ठ डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर पवन कुमार शर्मा को आईटी, आईसीटी और शिकायत निवारण से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना के कामकाज के लिए नई रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू की गई है।
अब उन्हें अपने विभाग की फाइलें पवन कुमार शर्मा के माध्यम से भेजनी होंगी। यह फेरबदल नए डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राजपुरोहित की नियुक्ति के बाद किया गया है। आयोग के भीतर कथित मतभेद और डिजिटल चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस प्रशासनिक बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमा खन्ना को अब पवन शर्मा के माध्यम से भेजनी होंगी फाइलें
नए कार्य आवंटन आदेश के मुताबिक, आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना अब वरिष्ठ डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर पवन कुमार शर्मा की निगरानी में काम करेंगी। उनके विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, शिकायत और जन शिकायत निवारण प्रणाली यानी पीजीआरएस से जुड़े काम शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत सीमा खन्ना को संबंधित फाइलें पवन शर्मा के माध्यम से आगे भेजनी होंगी। इससे आईटी विभाग के कामकाज की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी पवन शर्मा के पास आ गई है।
ECINet और डिजिटल वोटर लिस्ट को लेकर उठे थे सवाल
सीमा खन्ना का विभाग हाल के दिनों में डिजिटल चुनावी व्यवस्था से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रहा है। चुनाव आयोग के डिजिटल वोटर लिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के केंद्रीकरण और सॉफ्टवेयर पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। आरोप था कि राज्यों के अधिकारियों की मतदाता सूची तक पहुंच सीमित कर दी गई है। इसी पृष्ठभूमि में आईटी विभाग की निगरानी व्यवस्था में बदलाव को अहम माना जा रहा है। हालांकि, आयोग के इस आदेश को लेकर उठे सवालों और कथित आंतरिक असहमति के बीच अलग-अलग स्तर पर स्पष्टीकरण भी सामने आया है।
पवन शर्मा को मिलीं कई अहम जिम्मेदारियां
पवन कुमार शर्मा को केवल आईटी और आईसीटी विभाग ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों, चुनाव खर्च नीति, पर्यवेक्षक विभाग और समन्वय से जुड़े काम भी सौंपे गए हैं। इसके अलावा उनके पास नॉर्थ-ईस्ट द्वितीय, ईस्ट द्वितीय और साउथ द्वितीय जोन की जिम्मेदारी भी रहेगी। इस तरह नए आदेश के बाद आयोग के प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज में उनकी भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
मनीष गर्ग के पास EVM और चुनावी योजना का प्रभार बरकरार
नए बंटवारे में वरिष्ठ डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग के पास चुनावी योजना, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और चुनावी डेटाबेस प्रबंधन की जिम्मेदारी बनी रहेगी। बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ वाले ईस्ट-प्रथम जोन के साथ उत्तर प्रदेश वाले नॉर्थ-तृतीय जोन का प्रभार भी उनके पास रहेगा। नए डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राजपुरोहित को चुनावी योजना से जुड़े मामलों में मनीष गर्ग की सहायता करने की जिम्मेदारी दी गई है। राजपुरोहित परिसीमन का काम भी देखेंगे और उनसे संबंधित चुनावी योजना की फाइलें मनीष गर्ग के माध्यम से भेजी जाएंगी।
भानु प्रकाश येतुरु को प्रशासन और मतदाता सूची का काम
आयोग के नए कार्य आवंटन में डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर भानु प्रकाश येतुरु को प्रशासन, स्थापना, मतदाता सूची और सूचना के अधिकार यानी आरटीआई से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह अलग-अलग अधिकारियों के बीच काम का नया ढांचा तैयार किया गया है।
चुनाव आयोग की सफाई से बढ़ी आदेश को लेकर चर्चा
कार्य आवंटन में बदलाव के बाद आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक को रिपोर्ट करने वाले पर्यवेक्षण अधिकारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, नए आदेश को लेकर सामने आई जानकारी में सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख है। इसी अंतर के कारण आयोग के भीतर जिम्मेदारियों के वास्तविक स्वरूप को लेकर चर्चा बनी हुई है। फिलहाल नए आदेश के जरिए आईटी, चुनावी योजना, ईवीएम और प्रशासनिक विभागों का काम अलग-अलग अधिकारियों के बीच बांटा गया है।












