नई दिल्ली: कच्चे तेल के बाजार से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ क्रूड ऑयल आज आखिरकार इस स्तर के नीचे आ गया है। हालांकि इस बड़ी गिरावट के बावजूद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज यानी 23 सितंबर को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली से लेकर पटना तक हर जगह रेट पहले जैसे ही बने हुए हैं। गौरतलब है कि तेल की कीमतों में इतने उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में मई महीने के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार स्थिर चले आ रहे हैं।
आज दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में मिल रहा है, जहां इसकी कीमत 88.66 रुपये प्रति लीटर है, जबकि यहां डीजल 84.56 रुपये प्रति लीटर है। वहीं देश में सबसे महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 118.34 रुपये प्रति लीटर है, जहां डीजल की कीमत 106.06 रुपये प्रति लीटर है। यानी दिल्ली के मुकाबले चित्तूर में पेट्रोल 16.22 रुपये और डीजल 10.86 रुपये महंगा है, जबकि पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 13.46 रुपये और डीजल 10.64 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिल रहा है।
आखिर क्यों गिरे कच्चे तेल के दाम
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूड के दामों में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद है। अमेरिका ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर हो रही बातचीत में अच्छी प्रगति देखी जा रही है। इसके अलावा सऊदी अरब ने भी एक अहम पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद जगी है।
आज बुधवार सुबह करीब 6 बजे ब्रेंट क्रूड 0.38 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 98.87 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, वहीं अमेरिकी कच्चे तेल WTI में भी 68 सेंट की गिरावट देखी गई और यह 89.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 99.25 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था, जबकि WTI भी 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया था। गौरतलब है कि बीते पांच दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 फीसदी की भारी गिरावट पहले ही दर्ज की जा चुकी है।












