नई दिल्ली: बुधवार, 23 सितंबर को शुरुआती कारोबार में सोने के भाव लगभग स्थिर बने रहे, जबकि चांदी में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर इस समय अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बन रहे आउटलुक पर टिकी हुई है। COMEX पर सोना 4,380.90 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें करीब 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज हुई। सत्र के दौरान इसने 4,407.50 डॉलर का ऊपरी और 4,378.60 डॉलर का निचला स्तर छुआ।
वहीं दूसरी ओर चांदी ने बेहतर प्रदर्शन किया और यह 67.360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, यानी करीब 1.25 फीसदी की उछाल। कारोबार के दौरान चांदी 67.240 डॉलर से लेकर 68.055 डॉलर प्रति औंस के बीच झूलती रही।
तेल की कीमतों से क्यों जुड़ा है सोने का रिश्ता
सोने की कीमतें आमतौर पर कच्चे तेल में आने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर काफी संवेदनशील मानी जाती हैं, क्योंकि निवेशक इसका असर महंगाई और फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति पर आंकने की कोशिश करते हैं। बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज हुई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.07 फीसदी फिसलकर 99.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI क्रूड 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 90.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
भारतीय बाजार में सोना हुआ सस्ता
घरेलू बाजार की बात करें तो मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के दाम 1,500 रुपये गिरकर 1.54 लाख रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गए। वहीं चांदी की कीमतें 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर लगभग स्थिर बनी रहीं। मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों के चलते घरेलू बाजार में सोने पर दबाव देखा गया।
HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ सौमिल गांधी के मुताबिक तेल की नरम कीमतों ने महंगाई की चिंता को कुछ हद तक कम किया है, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही चीन की ओर से सोने की बढ़ती खरीदारी भी बुलियन की मांग को सपोर्ट दे रही है।












