अपराध की सल्तनत पर पुलिस का प्रहार, मकोका के दो वांछित आरोपी गिरफ्तार, 30 लाख की नकदी और थार जब्त

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नई दिल्ली: राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर शिकंजा कसते हुए मकोका के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बाहरी उत्तर जिला पुलिस की थाना नरेला टीम ने कार्रवाई करते हुए विनोद उर्फ खलीफा और विकास उर्फ विक्की को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी नरेला क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह से जुड़े मकोका के मामले में वांछित थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराध से अर्जित बताई गई 30 लाख रुपये की नकदी बरामद की और एक महिंद्रा थार गाड़ी जब्त की। इतना ही नहीं आरोपी विनोद उर्फ खलीफा की निशानदेही पर लंपुर इलाके में चल रहे कथित सट्टे के अड्डे पर भी छापा मारा गया, जहां से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मकोका के मामले में लंबे समय से थी तलाश

बाहरी उत्तरी जिला डीसीपी शोभित डी सक्सेना ने बताया कि थाना नरेला में वर्ष 2020 में प्राथमिकी संख्या 411/2020 के तहत महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धारा 3 और 4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला नरेला क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह से संबंधित है। इस प्रकरण में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी जबकि विनोद उर्फ खलीफा और विकास उर्फ विक्की फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार सूचनाएं जुटा रही थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

गुप्त सूचना से खुला रास्ता, पुलिस ने बिछाया जाल

फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए थाना नरेला की एक विशेष टीम गठित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में टीम ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों और गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों और योजनाबद्ध छापेमारी के बाद पुलिस को सफलता मिली और दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद उर्फ खलीफा, उम्र 39 वर्ष, पुत्र ईश्वर, निवासी बाकनेर, नरेला, दिल्ली और विकास उर्फ विक्की, उम्र 43 वर्ष, पुत्र नरेश कुमार, निवासी बाकनेर, नरेला, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, विनोद उर्फ खलीफा के खिलाफ पहले से 10 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है, जबकि विकास उर्फ विक्की का नाम छह आपराधिक मामलों में सामने आया है।

आरोपी की निशानदेही पर सट्टे के अड्डे पर छापा

पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। आरोपी विनोद उर्फ खलीफा से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर लंपुर इलाके में कथित सट्टे के अड्डे पर छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में जुआ अधिनियम के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सट्टे के इस अड्डे का संचालन किस तरह किया जा रहा था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

सोनीपत तक पहुंची पुलिस की कार्रवाई, 30 लाख रुपये बरामद

पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल में आरोपी विनोद उर्फ खलीफा के आवास पर भी छापा मारा। यहां से 30 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने इस नकदी को अपराध से अर्जित रकम बताया है। इसके अतिरिक्त एक महिंद्रा थार वाहन भी जब्त किया गया है।अब पुलिस की जांच का दायरा बरामद नकदी और वाहन से आगे बढ़ गया है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि कथित आपराधिक गतिविधियों से अर्जित अन्य संपत्तियों निवेश और परिसंपत्तियों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन संपत्तियों का संबंध संगठित अपराध से किस प्रकार जुड़ा हुआ है।

अपराध की कमाई और नेटवर्क की पड़ताल जारी

बाहरी उत्तर जिला पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, कथित सट्टे के अड्डे पर कार्रवाई और बड़ी नकदी की बरामदगी के बाद अब जांच का केंद्र अपराध से अर्जित संपत्तियों और संभावित नेटवर्क की पहचान पर है।पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। खाकी का संदेश साफ है अपराध की राह पर चलकर बनाई गई कथित सल्तनत कानून की नजरों से हमेशा बची नहीं रह सकती। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर नकदी की बरामदगी तक नरेला पुलिस की इस कार्रवाई ने संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई को एक नई दिशा दी है।

 

Reported By: Pankaj Rai

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