नई दिल्ली: रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर बड़ा हवाई हमला किया है। 13 अक्टूबर की रात रूसी सेना ने 39 बैलिस्टिक मिसाइलें और 120 से ज्यादा हमलावर ड्रोन दागे। हमले का मुख्य निशाना कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव की ऊर्जा और महत्वपूर्ण सुविधाएं थीं। इस हमले के बाद कम से कम 6 लाख लोग बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं और रेलवे नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने इस हमले में तेज रफ्तार बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबे समय तक हवा में घूमकर हमला करने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल किया, जिनसे बचना बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह जानबूझकर किया गया था।
ट्रंप की युद्धविराम अपील का उल्लंघन
इस हमले की सबसे बड़ी बात यह है कि रूस ने उन बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया, जिनके बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की थी। यूक्रेन का कहना है कि रूस ने इस घोषणा का खुला उल्लंघन कर अमेरिका के प्रति अनादर दिखाया है, जिससे साफ है कि मॉस्को शांति नहीं चाहता।हमले में ऊर्जा विभाग की 26 और तेल-गैस क्षेत्र की 4 सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई जगह उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। ऊर्जा कर्मी और आपात सेवाएं दिन-रात मरम्मत में जुटी हैं। इस हमले में कई लोगों की जान गई है और कई घायल हुए हैं।
सर्दी में बढ़ेगी परेशानी
बिजली कटौती से फिलहाल 6 लाख लोग प्रभावित हैं, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है। सर्दी का मौसम करीब है, ऐसे में बिजली न होने से घरों में ठंड बढ़ेगी, पानी की सप्लाई रुकेगी और अस्पतालों जैसी जरूरी सेवाओं पर असर पड़ेगा।
जेलेंस्की ने दुनिया से मांगी मदद
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका और सहयोगी देशों से रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने और पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर की अतिरिक्त खेप भेजने की मांग की है, जो रूसी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकती हैं। यूक्रेन का कहना है कि कोई भी देश अकेले ऐसे हमलावर का सामना नहीं कर सकता। शांति तभी आएगी जब ताकत से जवाब दिया जाएगा। यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक संदेश है कि रूस अमेरिकी बयानों से प्रभावित नहीं है और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है।












