नई दिल्ली: नवरात्रि में लोग व्रत रखते हैं कोई पहले और आखिरी वाले रखते है तो कोई पूरे नौ दिन तक रखते है। जब हम व्रत रखते हैं तो हम ज्यादातर तो कुट्टू का आटा ही इस्तेमाल करते हैं फिर चाहे वो पूरी खानी हो, फुल्के, चीला या रोटी। हम सीधा कुट्टू के आटे से सारी चीजें बना लेते हैं और आराम से खाते हैं, पर कई बार कुट्टू का आटा हमें नुकसान भी पहुंचा सकता है।
आपने देखा होगा अक्सर कि लोगों की कई बार कुट्टू का आटा खाने से तबीयत खराब होने लगती है, जो सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं होता। इसलिए कुट्टू का आटा खाने से पहले ये कुछ चीज़ें आपको पता होनी चाहिए, ताकि आपको इस प्रॉब्लम का सामना न करना पड़े। वेट लॉस कोच ने और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि कुट्टू का आटा आपकी सेहत के लिए कब नुकसानदायक हो सकता है? और किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
कुट्टू का आटा क्यों माना जाता है फायदेमंद?
कुट्टू का आटा उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जो अपनी डाइट में ग्लूटेन-फ्री अनाज शामिल करना चाहते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व संतुलित आहार का हिस्सा होते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना, पीसीओएस, थायराइड की समस्या या बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह सही रहता है इसलिए ऐसे लोगों को जरूर अपनी डाइट में कुट्टू का आता ऐड करना चाहिए।
वहीं कुट्टू के आटे में फैट ज्यादा होता है, जिससे यह जल्दी खराब हो जाता है। पुराना होने पर इसमें फंगस, नमी और हानिकारक टॉक्सिन (माइकोटॉक्सिन/एफ्लाटॉक्सिन) पैदा हो जाते हैं, जिससे गंभीर फूड पॉइजनिंग, उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है।
कुट्टू का आटा खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कुट्टू का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है और संतुलित डाइट का एक अच्छा हिस्सा बनता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लीमा महाजन के मुताबिक, इसे खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है, जैसे कि आटा ज्यादा मात्रा में न खरीदें और पैकेट की एक्सपायरी डेट जरूर देखें। इसे एयरटाइट कंटेनर में बंद करके फ्रिज में रखें, ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे। बाजार में मिलने वाले कुट्टू के आटे से बने पकवानों की गुणवत्ता और साफ-सफाई का भी जरूर ध्यान रखें।
Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार का डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।












