नई दिल्ली: अश्लील वीडियो फर्जी गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर लोगों की जेब पर डाका डालने वाले संगठित साइबर ठग गिरोह पर उत्तर जिला पुलिस ने करारा प्रहार किया है। थाना साइबर उत्तर जिला की पुलिस टीम ने कथित मेवाती सेक्सटॉर्शन साइबर ठगी गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.63 लाख की ठगी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन और विभिन्न राज्यों की 15 साइबर ठगी शिकायतों के तार भी सामने आए हैं।
एक वीडियो से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
उत्तरी जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि गुरुद्वारे में सेवादार मनजीत सिंह के व्हाट्सऐप पर एक अश्लील वीडियो भेजा गया। इसके बाद ठगों ने खुद को गुरुग्राम पुलिसकर्मी और यूट्यूब प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया। आरोपियों ने दावा किया कि वीडियो देखने के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। गिरफ्तारी कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बदनामी का भय दिखाकर वीडियो को यूट्यूब फेसबुक समेत अन्य मंचों से हटवाने तथा कथित प्राथमिकी से नाम निकलवाने के नाम पर रकम मांगी गई।
डर और दबाव में पीड़ित ने 11 से 27 सितंबर 2025 के बीच अपने और भतीजे के बैंक खातों से कई बार पैसे भेजे। इस तरह कुल 14,63,999.19 की कथित ठगी हुई। बाद में रिश्तेदार से चर्चा करने पर ठगी का एहसास हुआ और पीड़ित ने साइबर पुलिस तथा हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत की।
फर्जी वीडियो कॉल से बिछाते थे जाल
जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर ‘फ्रेंड्स सर्च’ ऐप से मोबाइल नंबर तलाशता था। इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर दूसरे फोन में अश्लील वीडियो चलाकर वास्तविक बातचीत का भ्रम पैदा किया जाता और रिकॉर्डिंग के सहारे ब्लैकमेल किया जाता था। गिरोह के सदस्य पुलिस अधिकारी और यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर गिरफ्तारी की धमकी देते थे जबकि ठगी की रकम विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों के जरिए निकाल ली जाती थी।
इमरान की भूमिका आई सामने
पुलिस के मुताबिक इमरान खान कथित गिरोह में अहम भूमिका निभा रहा था। उस पर सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक खाते जुटाने तथा ठगी की रकम निकलवाने का आरोप है। समद खान पर खाते उपलब्ध कराने जबकि अंकित सैनी और तसलीम राजा पर अपने बैंक खातों के इस्तेमाल में मदद करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार मोबाइल नंबरों और आईएमईआई सहित करीब 100 संदिग्ध नंबरों के तकनीकी विश्लेषण से राजस्थान के डीग जिले के आसपास तक जांच पहुंची।
पुलिस टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई उत्तर जिला साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक रोहित गहलोत की निगरानी में उपनिरीक्षक सुमित कुमार हेड कांस्टेबल राम किशन और कांस्टेबल मोहिन अली की टीम ने की। अभियान में एसीपी ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राम दुल्हेश मीणा का मार्गदर्शन रहा। समग्र निगरानी उत्तर जिला के पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के नेतृत्व में की गई।पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश ठगी की रकम का पूरा हिसाब और अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान में जुटी है।
Reported By: Pankaj Rai












