कोलकाता में दुर्गा पूजा देखने पहुंचे लोगों के लिए सप्तमी की शाम उस समय भयावह बन गई, जब चोरबगान सार्वजनिक के पूजा मंडप का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे और इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति बेकाबू होने लगी। हादसे के बाद लोगों में घबराहट फैल गई और वहां भगदड़ जैसी परिस्थितियां पैदा हो गईं। शुरुआती खबरों में सूत्रों के हवाले से पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 25 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है।
घटना के बाद लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा मंडप का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मौके पर हालात संभालने की कोशिशें शुरू कर दी गईं।
बारिश से बचने के प्रयास में बढ़ा भीड़ का दबाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय कोलकाता के कई इलाकों में हल्की वर्षा हुई थी। बारिश से बचने के लिए मंडप में मौजूद दर्शक इधर-उधर होने लगे। इसी दौरान लोगों के बीच आगे निकलने की होड़ और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि बढ़ती भीड़ के बीच पंडाल के एक हिस्से के गिरने से हालात और गंभीर हो गए। हालांकि, हादसे की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सामने आई जानकारी में भीड़ का दबाव और बारिश से बचने की कोशिश को घटना से जुड़ा संभावित कारण बताया गया है।
घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती
दुर्घटना के बाद प्रभावित लोगों को घटनास्थल से निकालकर चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास किया गया। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कई व्यक्ति बेहोश होकर गिर पड़े थे। कुछ लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिलों का सहारा भी लिया गया। भीड़ अधिक होने के कारण राहत पहुंचाने में मुश्किलें पैदा हुईं। हादसे की खबर फैलते ही पूजा आयोजन से जुड़े लोगों में भी बेचैनी देखी गई। प्रशासन और बचाव से संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
चश्मदीदों ने बताया, चारों तरफ मची थी अफरा-तफरी
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद कई लोग होश खो बैठे थे। आसपास मौजूद लोग उन्हें उठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाने और चिकित्सा सहायता दिलाने में जुटे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, कुछ घायलों को बाइक पर बैठाकर अस्पताल की ओर ले जाया गया। वहां मौजूद भारी भीड़ ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था। लोगों के बीच अपने परिजनों को तलाशने और घायलों की मदद करने की कोशिशें चल रही थीं। ऐसी परिस्थितियों में आपातकालीन सेवाओं की भूमिका अहम हो जाती है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचने की जानकारी दी गई है। बताया गया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित लोगों के उपचार में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों को भी सहायता का भरोसा दिलाया। घटना के बाद राहत और चिकित्सा प्रबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के पूजा मंडपों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास के रास्तों, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन निकासी की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। चोरबगान की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि भारी भीड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम कितने प्रभावी हैं। हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या से संबंधित शुरुआती जानकारी की आधिकारिक पुष्टि और घटना के कारणों की विस्तृत जांच आगे की स्थिति स्पष्ट करेगी।












